narocid oral suspension - Uses, Price and Side Effects

narocid oral suspension: Uses, Price & Side Effects

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🏭 BPD Biotech 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 10, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is narocid oral suspension used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
narocid oral suspension is primarily used for the treatment of gastro intestinal.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Magaldrate (400mg) + Simethicone (20mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? India is the largest provider of generic medicines globally, supplying over 50% of global vaccine demand.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Magaldrate (400mg) + Simethicone (20mg)
Manufacturer / BrandBPD Biotech
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassGASTRO INTESTINAL
Action Class
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 narocid oral suspension Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take narocid oral suspension (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of narocid oral suspension (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Chalky taste
  • Diarrhea
  • Constipation

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

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📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Mausi ka haldi besan fail, ab kya karein? Dark spots ke liye koi asli solution batao! 🥺

Ugh yaar ye pimple scars 😭 Mera face abhi bhi acne se clear nahi hua hai but joh pimple the wo toh gaye ab unke dark spots reh gaye hain. Main toh filter lagake hi selfie leti hu ab kyunki bina filter toh face pe daag dikhte hain. Kal mausi aayi thi toh bolti hai "Haldi besan laga, gulaab jal daal" — like seriously? Kya lagta hai maine try nahi kiya? Kuch kaam nahi karta yaar. Maine recently niacinamide serum try kiya hai, 5% wala. 2 hafte ho gaye, thoda difference dikh raha hai but slow hai. Koi batao kya effective hai dark spots ke liye? Vitamin C bhi soch rahi hu but budget tight hai college student hu na. Aloe vera gel bhi lagaya tha but utna result nahi aaya. Aur haan, pimple popping ki aadat chhodni hai mujhe I know. Par jab stress hota hai tab nahi rukta. Koi home remedy nahi chahiye please 😂 bas genuine product recommendations chahiye jo Indian skin pe kaam kare. Koi dermatologist gaya ho toh batao konsa treatment better hai — chemical peel ya laser? Budget friendly option batana. Thanks in advance guys! 🥺

Complete Guide to Hypothyroidism - 01-06-2026

```html हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) का संपूर्ण गाइड: कारण, लक्षण, इलाज और डाइट यह लेख पूरी तरह से शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी बीमारी का निदान और इलाज हमेशा एक योग्य डॉक्टर से कराएं। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) हाइपोथायरायडिज्म, जिसे हिंदी में "अल्पगलग्रंथिता" कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जहां आपकी थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland) पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड हार्मोन नहीं बना पाती। यह ग्रंथि आपके गले के सामने, एडम्स एप्पल के ठीक नीचे, तितली के आकार की होती है। यह अंदर कैसे होता है? (How it happens inside the body?) हार्मोन उत्पादन श्रृंखला: आपका मस्तिष्क (हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथि) थायरॉयड को संकेत भेजता है (TSH के जरिए) कि "हार्मोन बनाओ"। थायरॉयड ग्रंथि आयोडीन (Iodine) और टायरोसिन (Tyrosine) नामक अमीनो एसिड का उपयोग करके T3 (Triiodothyronine) और T4 (Thyroxine) हार्मोन बनाती है। जब सिस्टम फेल हो जाए: हाइपोथायरायडिज्म में यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है। या तो थायरॉयड ग्रंथि खुद क्षतिग्रस्त हो जाती है (प्राथमिक हाइपोथायरायडिज्म), या मस्तिष्क से संकेत ठीक से नहीं पहुंचते (द्वितीयक हाइपोथायरायडिज्म)। मेटाबॉलिज्म पर असर: T3 और T4 हार्मोन आपके शरीर का "मेटाबॉलिक इंजन" हैं। जब ये कम होते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। कोशिकाएं धीमी गति से काम करती हैं, जिससे शरीर का तापमान गिरता है, दिल की धड़कन धीमी होती है, और ऊर्जा का उत्पादन घटता है। सबसे आम कारण: भारत में सबसे आम कारण हाशिमोटो थायरॉयडाइटिस (Hashimoto's Thyroiditis) है - एक ऑटोइम्यून बीमारी जहां शरीर की इम्यून सिस्टम अपनी ही थायरॉयड ग्रंथि पर हमला कर देती है। दूसरा बड़ा कारण आयोडीन की कमी (Iodine Deficiency) है, जो भारत के कई हिस्सों में आम है। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common AND Rare Symptoms) बहुत आम लक्षण (जिन्हें ज्यादातर मरीज अनुभव करते हैं): थकान और कमजोरी: सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होना। "पूरी नींद के बाद भी शरीर भारी लगता है।" वजन बढ़ना: बिना कारण वजन बढ़ना, खासकर पेट और चेहरे पर। डाइट कंट्रोल करने पर भी वजन कम न होना। ठंड लगना (Cold Intolerance): दूसरों को गर्मी लग रही हो, लेकिन आपको ठंड लग रही हो। हाथ-पैर हमेशा ठंडे रहना। कब्ज (Constipation): पाचन धीमा होने के कारण मल त्याग में कठिनाई। त्वचा और बाल: त्वचा रूखी, खुरदरी और बेजान हो जाना। बाल झड़ना, पतले और बेजान हो जाना। भौंहों का बाहरी हिस्सा पतला होना (यह एक क्लासिक साइन है)। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द: बिना कारण मांसपेशियों में अकड़न, जोड़ों में दर्द और सूजन। मानसिक लक्षण: "ब्रेन फॉग" (Brain Fog) - ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, भूलने की बीमारी, और धीमी सोच। कम आम लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण (Rare but Important): गले में सूजन (Goiter): थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ जाना, जिससे गले में गांठ या दबाव महसूस हो। आवाज में भारीपन (Hoarseness): गले पर दबाव के कारण आवाज बैठ जाना या भारी हो जाना। मासिक धर्म में अनियमितता: महिलाओं में पीरियड्स अनियमित, भारी या बिल्कुल बंद हो जाना। प्रजनन समस्याएं: पुरुषों में कामेच्छा में कमी और स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction)। महिलाओं में गर्भधारण में कठिनाई। मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव: गंभीर डिप्रेशन, चिंता, और कभी-कभी "मायक्सेडेमा कोमा" (Myxedema Coma) नामक जानलेवा स्थिति, जिसमें व्यक्ति बेहोश हो सकता है। हृदय पर प्रभाव: धीमी हृदय गति (Bradycardia), उच्च रक्तचाप (खासकर डायस्टोलिक), और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan - Indian Foods) हाइपोथायरायडिज्म में डाइट का मतलब केवल "क्या खाएं" नहीं, बल्कि "कैसे खाएं" भी है। यहां बिल्कुल साफ-साफ बताया गया है। ✅ क्या खाएं (Foods to Eat) - थायरॉयड के लिए फायदेमंद: आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ (Iodine-rich): आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt) का उपयोग करें। समुद्री शैवाल (Seaweed) जैसे नोरी, केल्प (लेकिन बहुत अधिक न लें)। सेलेनियम (Selenium): यह T4 को T3 में बदलने में मदद करता है। ब्राजील नट्स (Brazil Nuts) - रोज 2-3 दाने काफी हैं। ट्यूना, सार्डिन, अंडे (खासकर जर्दी), सूरजमुखी के बीज। जिंक (Zinc): थायरॉयड हार्मोन उत्पादन के लिए जरूरी। कद्दू के बीज, चने, दालें, मांस, सीफूड। फाइबर (Fiber): कब्ज से बचने के लिए। ओट्स, जौ, साबुत गेहूं, ब्राउन राइस, फल (सेब, नाशपाती), सब्जियां (पालक, गाजर, ब्रोकली - लेकिन पकाकर)। प्रोटीन (Protein): मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है। दालें, सोया (थोड़ी मात्रा में), अंडे, चिकन, मछली, पनीर, दूध (अगर लैक्टोज इंटॉलरेंस न हो)। एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants): सूजन कम करने के लिए। जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), हरी चाय, हल्दी, अदरक, लहसुन। ❌ क्या न खाएं (Foods to Avoid) - थायरॉयड को नुकसान पहुंचाने वाले: गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थ (Goitrogenic Foods): ये थायरॉयड हार्मोन के उत्पादन को बाधित कर सकते हैं। लेकिन इन्हें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बस पकाकर या भाप में पकाकर खाएं। क्रूसिफेरस सब्जियां: ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी, केल, ब्रसेल्स स्प्राउट्स। (कच्ची न खाएं, पकाकर खाएं) सोया उत्पाद: टोफू, सोया मिल्क, सोया चंक्स। (बहुत अधिक मात्रा में न लें। खासकर अगर आपको आयोडीन की कमी है) बाजरा (Millet): विशेष रूप से अगर आप बड़ी मात्रा में खाते हैं। मूंगफली, पाइन नट्स, स्ट्रॉबेरी, पीच, नाशपाती (थोड़ी मात्रा में ठीक हैं)। प्रोसेस्ड फूड और शुगर: ये सूजन बढ़ाते हैं और मेटाबॉलिज्म को धीमा करते हैं। पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां, रिफाइंड आटा (मैदा) से बचें। कैफीन और अल्कोहल: ये दवा के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं। दवा लेने के 1 घंटे बाद तक चाय/कॉफी न पिएं। बहुत अधिक फाइबर: हालांकि फाइबर जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा फाइबर (जैसे चोकर) थायरॉयड दवा के अवशोषण को कम कर सकता है। दवा और फाइबर युक्त भोजन के बीच कम से कम 2-3 घंटे का अंतर रखें। नमूना डाइट चार्ट (Sample Diet Chart): सुबह (6-7 AM): गुनगुना पानी + नींबू + शहद। (दवा लेने के 30 मिनट बाद) नाश्ता (8-9 AM): ओट्स/दलिया (दूध या पानी में) + मुट्ठी भर कद्दू के बीज या बादाम। या 2 अंडे का भुर्जी + साबुत गेहूं की ब्रेड। मिड-मॉर्निंग (11 AM): 1 सेब या नाशपाती + मुट्ठी भर ब्राजील नट्स (2-3) । दोपहर का खाना (1-2 PM): 2 रोटी (साबुत गेहूं) + दाल + हरी सब्जी (पकी हुई) + सलाद। या ब्राउन राइस + चिकन/मछली करी। शाम (4-5 PM): हर्बल चाय (ग्रीन टी या अदरक वाली चाय) + 1 मुट्ठी भुने चने। रात का खाना (7-8 PM): हल्का भोजन - सूप + सलाद + ग्रिल्ड पनीर/चिकन। या खिचड़ी (दाल-चावल) + दही। सोने से पहले (10 PM): 1 कप गर्म दूध (हल्दी के साथ) - अगर पचता हो। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management - Medicines & How They Work) हाइपोथायरायडिज्म का इलाज मुख्य रूप से दवाओं से किया जाता है। यह एक आजीवन इलाज हो सकता है, लेकिन सही दवा से आप पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। मुख्य दवा: लेवोथायरोक्सिन (Levothyroxine) कैसे काम करती है: यह सिंथेटिक T4 हार्मोन है। आपका शरीर इसे प्राकृतिक T4 की तरह ही उपयोग करता है। यह धीरे-धीरे शरीर में T3 में बदल जाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म सामान्य हो जाता है। ब्रांड नाम: भारत में आम ब्रांड हैं - थायरोनॉर्म (Thyronorm), एल्ट्रोक्सिन (Eltroxin), लेवोथायरोक्स (Levothyrox)। खुराक (Dosage): डॉक्टर आपके TSH स्तर (ब्लड टेस्ट) के आधार पर खुराक तय करते हैं। शुरुआत में छोटी खुराक (25-50 mcg) दी जाती है, फिर धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है। कभी भी खुद से खुराक न बदलें या बंद न करें। कैसे लें (Crucial Rules): खाली पेट: सुबह उठने के बाद, नाश्ते से कम से कम 30-60 मिनट पहले लें। पानी के साथ: केवल सादा पानी (एक गिलास) के साथ लें। दूध, चाय, कॉफी, जूस या कैल्शियम युक्त पेय के साथ न लें। अन्य दवाओं से दूरी: आयरन, कैल्शियम, एंटासिड, या मल्टीविटामिन लेने से कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें। अन्य दवाएं (Rarely Used): लियोथायरोनिन (Liothyronine) - सिंथेटिक T3: कभी-कभी लेवोथायरोक्सिन के साथ दी जाती है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव (जैसे घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना) अधिक हो सकते हैं। प्राकृतिक थायरॉयड (Natural Thyroid - जैसे Armour Thyroid): सूअर या गाय के थायरॉयड से बनाई जाती है। इसमें T3 और T4 दोनों होते हैं, लेकिन खुराक स्थिर नहीं होती, इसलिए आमतौर पर इसकी सिफारिश नहीं की जाती। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) ध्यान रखें: ये उपचार दवा का विकल्प नहीं हैं, बल्कि दवा के साथ सहायक हैं। नियमित व्यायाम (Exercise): रोज 30-45 मिनट की मध्यम गति की एक्सरसाइज (तेज चलना, योग, तैराकी, साइकिलिंग) मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है और वजन कम करने में मदद करती है। योग में सर्वांगासन (Shoulder Stand) और मत्स्यासन (Fish Pose) थायरॉयड ग्रंथि के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माने जाते हैं। तनाव प्रबंधन (Stress Management): तनाव कोर्टिसोल (Cortisol) बढ़ाता है, जो थायरॉयड हार्मोन को बाधित करता है। ध्यान (Meditation), प्राणायाम (अनुलोम-विलोम, भ्रामरी), और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं। पर्याप्त नींद (Sleep): रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद की कमी से हार्मोनल असंतुलन बढ़ता है। गर्म पानी का सेवन: दिन भर में गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज से राहत मिलती है। हर्बल उपचार (सावधानी के साथ): अश्वगंधा (Ashwagandha): यह एक एडाप्टोजेन है जो तनाव कम करता है और थायरॉयड फंक्शन को सपोर्ट कर सकता है। लेकिन अगर आपको हाइपरथायरायडिज्म है तो न लें। डॉक्टर से सलाह लें। गुग्गुल (Guggul): यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी थायरॉयड मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद कर सकती है। नारियल तेल (Coconut Oil): इसमें मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (MCTs) होते हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ा सकते हैं। खाना पकाने में उपयोग करें। त्वचा और बालों की देखभाल: रूखी त्वचा के लिए नारियल तेल या एलोवेरा जेल लगाएं। बालों के लिए आंवला, मेथी, और नारियल तेल का हेयर मास्क उपयोगी है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) हाइपोथायरायडिज्म का असर सिर्फ शरीर पर नहीं, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी गहरा पड़ता है। डिप्रेशन और चिंता (Depression & Anxiety): थायरॉयड हार्मोन का कम होना सीधे मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे सेरोटोनिन) को प्रभावित करता है। इससे बिना कारण उदासी, निराशा, चिड़चिड़ापन, और चिंता हो सकती है। कई मरीजों को पता ही नहीं चलता कि उनका डिप्रेशन थायरॉयड की वजह से है। ब्रेन फॉग (Brain Fog): ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, याददाश्त कमजोर होना, और निर्णय लेने में धीमापन। यह ऑफिस के काम और पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। सामाजिक जीवन पर असर: लगातार थकान, वजन बढ़ना, और मूड स्विंग्स के कारण लोग सामाजिक मेलजोल से कतराने लगते हैं। कई बार रिश्तों में तनाव आ जाता है। काम पर प्रभाव: ऊर्जा की कमी और मानसिक धीमेपन के कारण कार्यक्षमता (Productivity) घट जाती है। नौकरी में परेशानी हो सकती है। नींद की समस्या: कुछ मरीजों को अत्यधिक नींद आती है (Hypersomnia), जबकि कुछ को अनिद्रा (Insomnia) होती है। समाधान: सही दवा और डाइट से ये लक्षण काफी हद तक ठीक हो जाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग या थेरेपी लेना भी फायदेमंद हो सकता है। परिवार और दोस्तों को अपनी बीमारी के बारे में बताएं ताकि वे आपको समझ सकें। 7. 10 विस्तृत FAQ (Frequently Asked Questions) 1. क्या हाइपोथायरायडिज्म पूरी तरह ठीक हो सकता है? ज्यादातर मामलों में, खासकर हाशिमोटो थायरॉयडाइटिस में, यह एक आजीवन स्थिति है। लेकिन सही दवा (लेवोथायरोक्सिन) से आप पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। कुछ मामलों में (जैसे आयोडीन की कमी या प्रेग्नेंसी के बाद), यह अस्थायी हो सकता है और ठीक हो सकता है। 2. क्या हाइपोथायरायडिज्म वजन बढ़ने का कारण बनता है? हां, यह एक बहुत आम लक्षण है। थायरॉयड हार्मोन की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ता है। दवा लेने के बाद मेटाबॉलिज्म सामान्य हो जाता है, लेकिन वजन कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज जरूरी है। 3. क्या मैं गर्भवती हो सकती हूं अगर मुझे हाइपोथायरायडिज्म है? हां, बिल्कुल। लेकिन गर्भावस्था से पहले और दौरान थायरॉयड स्तर को सामान्य रखना बहुत जरूरी है। अनियंत्रित हाइपोथायरायडिज्म गर्भपात, प्री-एक्लेम्पसिया, और बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर आपकी खुराक बढ़ा सकते हैं। 4. क्या मैं शराब या कैफीन ले सकता हूं? सीमित मात्रा में ले सकते हैं, लेकिन दवा लेने के तुरंत बाद न लें। कैफीन और अल्कोहल दवा के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं। कम से कम 1 घंटे का अंतर रखें। 5. क्या मुझे आयोडीन युक्त नमक खाना चाहिए? हां, आयोडीन की कमी हाइपोथायरायडिज्म का एक मुख्य कारण है। आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें, लेकिन बहुत अधिक आयोडीन (जैसे सप्लीमेंट) न लें, क्योंकि यह हाशिमोटो को बढ़ा सकता है। 6. क्या हाइपोथायरायडिज्म से बाल झड़ते हैं? हां, यह एक आम लक्षण है। थायरॉयड हार्मोन की कमी से बालों के रोम कमजोर हो जाते हैं। दवा शुरू करने के 3-6 महीने बाद बाल आमतौर पर वापस उगने लगते हैं। 7. क्या मैं व्यायाम कर सकता हूं? हां, व्यायाम बहुत फायदेमंद है। यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, वजन कम करता है, और मूड को बेहतर करता है। हल्के व्यायाम से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं। 8. क्या हाइपोथायरायडिज्म दिल की बीमारी का कारण बन सकता है? अनियंत्रित हाइपोथायरायडिज्म से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और दिल की धड़कन धीमी हो सकती है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन सही इलाज से यह जोखिम कम हो जाता है। 9. क्या मुझे हाइपोथायरायडिज्म के लिए सर्जरी की जरूरत है? आमतौर पर नहीं। सर्जरी केवल तब की जाती है जब थायरॉयड ग्रंथि बहुत बड़ी हो (गोइटर) या कैंसर का संदेह हो। ज्यादातर मामलों में दवा ही काफी है।

High functioning depression ka mask: Sab set dikhta hai, andar se toot rahe hain hum! Koi remedy?

Mujhe aaj realize hua ki main "high functioning depression" ka perfect example hoon. Subah uthke, bacche ke hostel ke liye dabba pack karna, ghar ka kaam karna, husband ke calls uthana... sab kuch automatic ho raha hai. Par andar se kuch nahi. Jaise machine hoon. Aaj subah nahane gaya to 15 minute bathroom me baitha raha, sirf paani dekh raha tha. Uthne ka man nahi tha. Par phir socha, "Arre, kya sochenge log? Kaam kaise karega?" Kya aap logon ko bhi aisa lagta hai? Ki sab kuch toh kar rahe ho, par real feel kuch nahi ho raha? Main toh ab sochti hoon ki ye "functioning" hi sabse bada mask hai. Log dekhte hain ki sab set hai, par andar se toot rahe hain hum. Koi remedy? Ya just accept karna seekh rahe ho? Mujhe toh lagta hai ki ye acceptance bhi ek trap hai. Kya pata.

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