gasonil d 30mg/20mg capsule - Uses, Price and Side Effects

gasonil d 30mg/20mg capsule: Uses, Price & Side Effects

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🏭 Alports Healthcare Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 13, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is gasonil d 30mg/20mg capsule used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
gasonil d 30mg/20mg capsule is primarily used for the treatment of gastro intestinal.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Domperidone (30mg) + Rabeprazole (20mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Domperidone (30mg) + Rabeprazole (20mg)
Manufacturer / BrandAlports Healthcare Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassGASTRO INTESTINAL
Action Class
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 gasonil d 30mg/20mg capsule Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take gasonil d 30mg/20mg capsule (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of gasonil d 30mg/20mg capsule (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Diarrhea
  • Stomach pain
  • Dryness in mouth
  • Headache
  • Dizziness
  • Flatulence
  • Weakness
  • Flu-like symptoms

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Haddiyan kamzor? Ye 5 desi nuskhe calcium ki kami door karenge!

Namaste dosto. Aaj subah uthte hi gale aur kandhe mein jakad si mehsoos hui, hath bhi kuch der ke liye sunn ho gaye. Doctor ne kaha tha haddiyan kamzor ho rahi hain, calcium aur vitamin D ki kami hai. Maine suna hai haddi majboot karne ke liye diet mein kuch cheezein shamil karni chahiye jaise til, badam, hara dhaniya, aur haldi wala doodh. Par mujhe samajh nahi aata ki roz kitna lena chahiye? Aur kya homeopathy ke saath ye sab safe hai? Maine aaj subah ek glass doodh mein haldi aur shahad mila kar piya, thoda aaram mila. Par aap logon se poochna hai ki haddiyon ke liye sabse asardar desi nuskha kya hai? Aur kya yogurt (dahi) bhi faydemand hai? Please apne tajurbe share karein. Dhanyavad.

Complete Guide to Type 2 Diabetes - 01-06-2026

टाइप 2 डायबिटीज: एक संपूर्ण गाइड (Type 2 Diabetes: Ek Sampurna Guide) नमस्ते! अगर आप या आपके परिवार में किसी को टाइप 2 डायबिटीज है, तो यह गाइड आपके लिए ही है। यहाँ हम बात करेंगे बीमारी क्या है, क्यों होती है, इसके लक्षण, खान-पान, दवाइयाँ, घरेलू उपाय और मानसिक स्वास्थ्य पर असर। सब कुछ हिंग्लिश में, बिल्कुल सरल और विस्तार से। 1. गहरा परिचय और रोग का तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) डायबिटीज क्या है? (What is Diabetes?) टाइप 2 डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जहाँ आपका शरीर इंसुलिन का सही से उपयोग नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज (अग्नाशय) से बनता है। इसका काम है ब्लड शुगर (ग्लूकोज) को कोशिकाओं में पहुँचाना ताकि वे ऊर्जा बना सकें। कैसे और क्यों होता है? (How and why does it happen?) इंसुलिन रेजिस्टेंस: शरीर की कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रति सुन्न हो जाती हैं। यानी, इंसुलिन दरवाजा खोलने की कोशिश करता है, लेकिन कोशिकाएँ उसे अंदर नहीं आने देतीं। नतीजा: ब्लड शुगर बढ़ जाता है। बीटा सेल डिसफंक्शन: पैंक्रियाज के बीटा सेल्स जो इंसुलिन बनाते हैं, धीरे-धीरे कमजोर हो जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं। इससे इंसुलिन का उत्पादन घट जाता है। जेनेटिक और लाइफस्टाइल फैक्टर: मोटापा, गलत खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। परिवार में इतिहास होने पर खतरा और बढ़ जाता है। सरल भाषा में: आपका शरीर शुगर को "पचा" नहीं पाता। कोशिकाएँ भूखी रहती हैं जबकि खून में शुगर बढ़ता रहता है। यही कारण है कि आपको बार-बार भूख लगती है (पॉलीफेजिया) और बार-बार प्यास लगती है (पॉलीडिप्सिया)। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common and Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms) बार-बार पेशाब आना (Polyuria): खासकर रात में। शरीर अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए पानी खींचता है। अत्यधिक प्यास लगना (Polydipsia): पेशाब के कारण पानी की कमी हो जाती है। अत्यधिक भूख लगना (Polyphagia): कोशिकाओं को ऊर्जा नहीं मिलती, इसलिए दिमाग भूख का संकेत देता है। वजन घटना या बढ़ना: बिना कारण वजन घट सकता है या मोटापा बढ़ सकता है। थकान और कमजोरी: ऊर्जा की कमी के कारण। धुंधला दिखना (Blurry vision): ब्लड शुगर के कारण आँखों के लेंस में सूजन। घाव धीरे भरना: खून में शुगर की अधिकता से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बार-बार संक्रमण: फंगल इन्फेक्शन (जैसे पैरों में या नाखूनों में) या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms) पैरों में जलन या झुनझुनी (Tingling/Burning in feet): यह न्यूरोपैथी (नसों की क्षति) का संकेत है। त्वचा पर काले धब्बे (Acanthosis Nigricans): गर्दन, बगल या जांघों पर मखमली काले धब्बे। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। यौन समस्याएँ: पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, महिलाओं में योनि सूखापन। बार-बार मसूड़ों में संक्रमण या दांत गिरना: शुगर का मसूड़ों पर असर। हाथ-पैरों में सुन्नपन या दर्द: नसों की क्षति के कारण। 3. विस्तृत आहार योजना (Detailed Diet Plan) क्या खाएँ? (Kya Khaye?) साबुत अनाज (Whole Grains): ब्राउन राइस, ओट्स, ज्वार, बाजरा, रागी (मडुआ)। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और शुगर धीरे बढ़ाते हैं। दालें और बीन्स: मूंग, चना, राजमा, सोयाबीन। प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत। हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक, मेथी, सरसों, ब्रोकली। कम कैलोरी, अधिक पोषण। फल (कम मीठे): सेब, नाशपाती, जामुन, संतरा, पपीता। केला और अंगूर सीमित मात्रा में। नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी। हृदय के लिए अच्छे। दही और पनीर: प्रोबायोटिक्स और प्रोटीन के लिए। मसाले: हल्दी, दालचीनी, मेथी दाना, जीरा। ये शुगर कंट्रोल में मदद करते हैं। क्या न खाएँ? (Kya Na Khaye?) मीठे पदार्थ: मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, जूस, केक, बिस्कुट। इनसे शुगर तुरंत बढ़ता है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: सफेद चावल, मैदा, सफेद ब्रेड, नूडल्स। तले-भुने खाद्य पदार्थ: समोसा, पकौड़े, चिप्स। इनमें ट्रांस फैट और कैलोरी अधिक होती है। मीठे फल: आम, अंगूर, चीकू, खजूर (सीमित मात्रा में ही लें)। शराब और सिगरेट: ये ब्लड शुगर को बिगाड़ सकते हैं और जटिलताएँ बढ़ा सकते हैं। एक दिन का नमूना आहार (Sample Diet Plan) नाश्ता: ओट्स/दलिया + मुट्ठी भर बादाम + एक सेब। दोपहर का भोजन: 1 रोटी (बाजरा/ज्वार) + मूंग दाल + हरी सब्जी + सलाद। शाम का नाश्ता: एक कप ग्रीन टी + मूंगफली या भुना चना। रात का भोजन: ग्रिल्ड पनीर/चिकन + ब्रोकली + एक छोटी कटोरी दही। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) दवाइयाँ कैसे काम करती हैं? (How do medicines work?) नोट: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। मेटफॉर्मिन (Metformin): पहली पसंद की दवा। यह लिवर में ग्लूकोज उत्पादन कम करता है और कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति संवेदनशील बनाता है। सल्फोनील्यूरिया (Sulfonylureas): जैसे ग्लिबेंक्लामाइड। ये पैंक्रियाज से अधिक इंसुलिन छोड़ने को उत्तेजित करते हैं। DPP-4 इनहिबिटर: जैसे सीताग्लिप्टिन। ये इंसुलिन रिलीज बढ़ाते हैं और ग्लूकागन कम करते हैं। SGLT2 इनहिबिटर: जैसे डापाग्लिफ्लोजिन। ये किडनी के जरिए पेशाब में अतिरिक्त शुगर बाहर निकालते हैं। इंसुलिन थेरेपी: जब दवाएँ काम न करें, तो इंसुलिन इंजेक्शन दिए जाते हैं। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies) मेथी दाना: रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट चबाएँ या पानी पीएँ। यह शुगर कंट्रोल में मदद करता है। दालचीनी: चाय या दूध में आधा चम्मच डालें। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। करेला: जूस या सब्जी के रूप में लें। यह ब्लड शुगर कम करने में प्रभावी है। जामुन: फल और बीज दोनों फायदेमंद। पाउडर या जूस ले सकते हैं। हल्दी: दूध या सब्जी में डालें। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) रोजाना व्यायाम: कम से कम 30 मिनट तेज चलना, योग या साइकिलिंग। यह शुगर को कोशिकाओं में पहुँचाने में मदद करता है। वजन कम करें: 5-10% वजन घटाने से ब्लड शुगर में सुधार होता है। तनाव प्रबंधन: ध्यान, गहरी साँसें, या प्रार्थना। तनाव से शुगर बढ़ता है। पर्याप्त नींद: 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) डिप्रेशन और चिंता: डायबिटीज के कारण मूड स्विंग्स, निराशा या डर लग सकता है। डायबिटीज डिस्ट्रेस: दवाइयों, डाइट और शुगर मॉनिटरिंग के बोझ से तनाव। सोशल आइसोलेशन: शुगर कंट्रोल के लिए पार्टी या खाने-पीने से बचना। दैनिक जीवन (Daily Life) नियमित जाँच: ब्लड शुगर मॉनिटरिंग (फास्टिंग और पोस्ट-मील)। पैरों की देखभाल: रोजाना पैर धोएँ, मॉइस्चराइजर लगाएँ, और कट/घाव की जाँच करें। आँखों की जाँच: साल में एक बार रेटिना चेकअप। किडनी और हृदय की जाँच: नियमित ब्लड टेस्ट (क्रिएटिनिन, लिपिड प्रोफाइल)। 7. 10 विस्तृत FAQ (10 Detailed FAQs) क्या टाइप 2 डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो सकता है? हाँ, कुछ मामलों में वजन कम करने और लाइफस्टाइल बदलने से रिवर्स हो सकता है, लेकिन इसका मतलब "क्योर" नहीं है। ब्लड शुगर नॉर्मल रहता है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है। क्या मीठा खाने से डायबिटीज होता है? सीधे तौर पर नहीं, लेकिन अधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है, जो डायबिटीज का बड़ा कारण है। क्या डायबिटीज में चावल खा सकते हैं? हाँ, लेकिन सीमित मात्रा में। ब्राउन राइस या बासमती चावल बेहतर हैं। सफेद चावल से बचें। क्या डायबिटीज के कारण आँखों की रोशनी जा सकती है? हाँ, अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो रेटिनोपैथी हो सकती है, जिससे अंधापन हो सकता है। नियमित आँखों की जाँच कराएँ। क्या डायबिटीज में शराब पी सकते हैं? बहुत सीमित मात्रा में, लेकिन डॉक्टर से सलाह लें। शराब से ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है (हाइपोग्लाइसीमिया)। क्या डायबिटीज के मरीज को फल खाने चाहिए? हाँ, लेकिन कम मीठे फल (सेब, नाशपाती) और एक बार में एक ही फल। जूस न पीएँ। क्या डायबिटीज में पैरों में सूजन आना सामान्य है? नहीं, यह किडनी या हृदय की समस्या का संकेत हो सकता है। तुरंत डॉक्टर से मिलें। क्या डायबिटीज के मरीज को वैक्सीन लगवानी चाहिए? हाँ, फ्लू, निमोनिया और कोविड-19 के टीके जरूर लगवाएँ। संक्रमण का खतरा अधिक होता है। क्या डायबिटीज में कॉफी पीना सुरक्षित है? हाँ, बिना चीनी और दूध के ब्लैक कॉफी पी सकते हैं। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ा सकती है। क्या डायबिटीज के मरीज को हर दिन ब्लड शुगर चेक करना चाहिए? हाँ, खासकर अगर इंसुलिन ले रहे हैं या शुगर अनियंत्रित है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार फास्टिंग और पोस्ट-मील चेक करें। महत्वपूर्ण चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी बीमारी, दवा या उपचार के बारे में निर्णय लेने से पहले हमेशा एक योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

Library mein padhte-padhte panic attack! 3 mahine ka backlog, hair fall aur neend khatam. Koi UPSC wala remedy batao?

bc aaj library me hi panic attack aa gaya. pichle 3 mahine se roz 10-12 ghante padh rahi hu, revision backlog itna hai ki soch ke hi saans ulte ho jate hain. aaj subah se 4th module ka revision kar rahi thi, tabhi suddenly chest mein dard, haath kaampne lage, lag raha tha abhi hi gir jaungi. library wali didi ne water diya, 20 min baad thoda theek hui. hair fall bhi bohot ho raha hai, roz 100-150 strands to girte hain. sleep cycle complete kharab hai - raat ko 2-3 baje tak jagti hu, subah 5 baje alarm. koi effective remedy hai kya? ya koi UPSC aspirant hai yaha jo same situation se guzar raha ho? maine multivitamin start kiya hai par koi fark nahi pad raha. please koi genuine advice do, motivational quotes mat dena. 🙏

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