nitraz 10mg tablet sr - Uses, Price and Side Effects

nitraz 10mg tablet sr: Uses in Hindi (Fayde), Price, Side Effects & Substitutes

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Nitrazepam (10mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Triton Healthcare Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 14, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is nitraz 10mg tablet sr used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
nitraz 10mg tablet sr (manufactured by Triton Healthcare Pvt Ltd) is a highly effective medicine primarily used for the treatment of neuro cns. It helps in relieving symptoms and improving your overall health. Find the complete list of nitraz 10mg tablet sr uses in Hindi, alternatives, price in India, and dosage on SaathiMed below.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Nitrazepam (10mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.

🇮🇳 nitraz 10mg tablet sr के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

nitraz 10mg tablet sr का उपयोग मुख्य रूप से neuro cns और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Nitrazepam (10mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Nitrazepam (10mg)
Manufacturer / BrandTriton Healthcare Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassNEURO CNS
Action ClassBenzodiazepines
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Onset of Action:
30 to 60 minutes
Duration:
6 to 8 hours
Habit Forming:
No (Non-addictive)
Food:
Take after meal

💊 nitraz 10mg tablet sr Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take nitraz 10mg tablet sr (Dosage & Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💡 Expert Tips for Best Results

  • Follow the prescription: Always use nitraz 10mg tablet sr exactly as prescribed by your healthcare provider. Do not alter the dosage yourself.
  • Check Expiry: Never consume expired medicines. Always double-check the manufacturing and expiry date on the packaging before use.
  • Storage: Store the medicine in a cool, dry place away from direct sunlight and out of reach of children.
  • Report Side Effects: If you experience severe allergic reactions, swelling, or breathing issues after taking nitraz 10mg tablet sr, seek emergency medical help immediately.
  • Don't self-medicate: Do not share this medicine with others even if their symptoms seem similar to yours.

⚠️ nitraz 10mg tablet sr Side Effects (Nuksan) & Precautions

Common and serious side effects may include:

  • Dizziness
  • Sedation
  • Drowsiness
  • Unsteadiness
  • Impaired coordination
  • Fatigue

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🛑 Myths vs. Facts about nitraz 10mg tablet sr

  • Myth: Generic substitutes of nitraz 10mg tablet sr are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Nitrazepam (10mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of nitraz 10mg tablet sr can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Bahu ke tension se BP high? Ghar ke nuskhe aazma ke dekho!

Aaj subah se hi BP high hai yaar. Choti bahu ne kal raat ka bartan nahi dhoye, maine subah uthke uthke sab kuch kiya. Phir usko bole toh bolti hai "aapko kya dikkat hai, main office ja rahi hoon." Office! Haan hum bhi toh poora ghar sambhalte hain na, koi appreciation nahi. Mera BP aaj 150/100 aa raha hai, doctor ne dawai badha di hai par gussa aur tension kam nahi hoti. Mene socha kuch natural remedy try karu, subah lahsun ki 2 kachchi kali kha li, aur neem ke patte ka juice piya. Thoda aaram mila lekin yeh bahu ka rona hi nahi chodega. Kya karein? Koi toh batao kaise aisi situations mein BP control karein? Koi ghar ka nuskha ho toh batao.

Yaar, kidney stones ke baad roz 5 litre paani peena safe hai? Wife bolti pagal ho gaye ho! 😅

Yaar ek doubt hai. Pichle saal kidney stones hue the, tab se main din bhar 5 litres paani peene laga hoon. Subah uthke 1 litre, phir office mein 2 litre, ghar aake 1.5, aur raat ko bhi 500 ml. Par ab kal mujhe laga ki itna paani peena bhi theek hai kya? Kuch log bolte hain kidney pe pressure padta hai. Maine suna tha ki kam se kam 3-4 litres to chahiye stone prevention ke liye, lekin 5 litres thoda zyada toh nahi hai? Meri wife bolti hai main pagal ho gaya hoon, lekin mujhe darr hai ki thoda bhi kam piya toh phir se stone ban jayenge. Beer to chhod di hai pura, soda bhi nahi peeta ab. Koi doctor ya experienced bhai ho toh batao - kya 5 litres safe hai roz? Aur haan, main roz 1 glass nimbu paani bhi leta hoon subah khali pet. Koi side effects hote hain itna paani peene ke? Thoda guidance chahiye, please.

Complete Guide to Iron Deficiency Anemia - 31-05-2026

आयरन की कमी से एनीमिया (Iron Deficiency Anemia): एक संपूर्ण गाइड नमस्ते! आज हम बात करेंगे एक बहुत ही आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बीमारी के बारे में: आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया। यह सिर्फ थकान नहीं है, बल्कि शरीर में खून की कमी का एक गंभीर रूप है। भारत में हर तीसरी महिला और हर पांचवां पुरुष इससे प्रभावित है। इस गाइड में हम इसे पूरी तरह समझेंगे – कैसे होता है, इसके लक्षण, खान-पान, दवाइयां, घरेलू उपाय, और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका असर। तो चलिए शुरू करते हैं। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) एनीमिया क्या है? एनीमिया मतलब खून में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) या हीमोग्लोबिन की कमी। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है। जब यह कम हो जाता है, तो शरीर के ऊतकों (tissues) को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे थकान, कमजोरी और कई अन्य समस्याएं होती हैं। आयरन की भूमिका (Role of Iron) आयरन शरीर के लिए एक ज़रूरी मिनरल है। यह हीमोग्लोबिन बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है। आयरन के बिना, शरीर पर्याप्त स्वस्थ RBCs नहीं बना सकता। आयरन की कमी से माइक्रोसाइटिक, हाइपोक्रोमिक एनीमिया होता है, यानी RBCs छोटी और पीली हो जाती हैं। कैसे होता है यह रोग? कम आयरन का सेवन: खाने में आयरन की कमी (जैसे शाकाहारी भोजन में हीम आयरन की कमी)। खून की कमी (Blood Loss): महिलाओं में हैवी पीरियड्स (मेनोरेजिया), पेट के अल्सर, बवासीर (piles), या कैंसर के कारण। अवशोषण में कमी: पेट की सर्जरी, सीलिएक रोग, या एसिडिटी की दवाइयों (PPIs) के कारण आयरन सही से अवशोषित नहीं होता। बढ़ी हुई ज़रूरत: गर्भावस्था, ब्रेस्टफीडिंग, या तेजी से बढ़ते बच्चों में अधिक आयरन की आवश्यकता। शरीर के अंदर क्या होता है? शरीर पहले अपने स्टोर (फेरिटिन) से आयरन निकालता है। जब स्टोर खत्म हो जाते हैं, तो हीमोग्लोबिन बनना कम हो जाता है। धीरे-धीरे RBCs की संख्या गिरती है, और ऑक्सीजन की कमी से हर अंग प्रभावित होता है – दिल तेज धड़कता है, फेफड़े ज्यादा मेहनत करते हैं, और दिमाग सुस्त हो जाता है। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (जो जल्दी दिखते हैं) थकान और कमजोरी: सबसे आम लक्षण। सुबह उठने पर भी थकान महसूस होना। पीली त्वचा और नाखून: चेहरा, हथेलियां, और नाखून का पीला पड़ना। सांस फूलना: थोड़ी सी चढ़ाई या तेज चलने पर सांस फूलने लगती है। चक्कर आना और सिरदर्द: ऑक्सीजन की कमी से दिमाग में हल्कापन। दिल की धड़कन तेज होना (Palpitations): दिल को ज्यादा पंप करना पड़ता है। ठंड लगना: हाथ-पैर ठंडे रहना, खासकर सर्दियों में। बालों का झड़ना: आयरन की कमी से बाल कमजोर हो जाते हैं। दुर्लभ और गंभीर लक्षण (जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है) पैरों में बेचैनी (Restless Legs Syndrome): रात को सोते समय पैरों में झनझनाहट या हिलाने की इच्छा। नाखूनों का चम्मच जैसा होना (Koilonychia): नाखून अंदर की ओर मुड़ जाते हैं, जैसे चम्मच। मुंह के कोनों में छाले (Angular Stomatitis): होंठों के कोनों में दरारें और दर्द। जीभ का चिकना होना (Atrophic Glossitis): जीभ लाल, चिकनी और दर्दनाक हो जाती है। बर्फ, मिट्टी, या कागज खाने की इच्छा (Pica): यह एक दुर्लभ लक्षण है, जहां व्यक्ति को बर्फ, चॉक, या मिट्टी खाने की तीव्र इच्छा होती है। निगलने में कठिनाई (Dysphagia): गले में कुछ अटकने जैसा महसूस होना (Plummer-Vinson syndrome)। बिना कारण ब्रूज़ (Easy Bruising): त्वचा पर आसानी से नीले निशान पड़ना। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan) क्या खाएं (Iron-Rich Foods) आयरन दो प्रकार का होता है: हीम आयरन (जानवरों से, जल्दी अवशोषित) और नॉन-हीम आयरन (पौधों से, धीरे अवशोषित)। हीम आयरन के स्रोत (Non-vegetarians के लिए) लाल मांस: मटन, बीफ (लीवर सबसे अच्छा)। मछली: सार्डिन, टूना, मैकेरल (बांगड़ा)। अंडे: खासकर जर्दी (yolk) में आयरन होता है। चिकन: लीवर और थाई (dark meat) में ज्यादा। नॉन-हीम आयरन के स्रोत (Vegetarians/Vegans के लिए) हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ। (ध्यान दें: पालक में ऑक्सलेट होता है, जो आयरन अवशोषण को कम कर सकता है, इसलिए इसे पकाकर खाएं।) दालें और फलियां: मसूर, चना, राजमा, छोले, सोयाबीन। बीज और मेवे: कद्दू के बीज, तिल, बादाम, काजू, अखरोट। अनाज: रागी (nachni), ज्वार, बाजरा, क्विनोआ, ओट्स। फल: अनार, सेब, खजूर, अंजीर, किशमिश, तरबूज। अन्य: चुकंदर, गुड़, शहद, डार्क चॉकलेट (70% कोको)। आयरन अवशोषण बढ़ाने के टिप्स विटामिन C के साथ लें: आयरन वाली चीजों के साथ नींबू पानी, संतरा, आंवला, टमाटर, या शिमला मिर्च खाएं। यह अवशोषण 3-4 गुना बढ़ा देता है। खाने के साथ चाय/कॉफी न पिएं: चाय और कॉफी में टैनिन होता है, जो आयरन को ब्लॉक करता है। खाने के 1 घंटे बाद ही पिएं। कैल्शियम से बचें: दूध, दही, पनीर को आयरन वाले भोजन के साथ न लें। कैल्शियम आयरन को अवशोषित नहीं होने देता। लोहे की कढ़ाई में पकाएं: खाना पकाने में लोहे की कढ़ाई का उपयोग करें, इससे खाने में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है। क्या न खाएं (Foods to Avoid) चाय और कॉफी: खासकर खाने के तुरंत बाद। दूध और डेयरी उत्पाद: कैल्शियम की वजह से। फाइटेट्स वाले अनाज: चोकर, साबुत अनाज (जैसे गेहूं का चोकर) अवशोषण कम करते हैं। इन्हें भिगोकर या अंकुरित करके खाएं। सोया उत्पाद: टोफू, सोया मिल्क (कैल्शियम और फाइटेट्स दोनों होते हैं)। शराब: यह आयरन अवशोषण को बाधित करता है और लीवर को नुकसान पहुंचाता है। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) दवाइयां (Medicines) नोट: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। आयरन सप्लीमेंट्स: सबसे आम दवा फेरस सल्फेट (Ferrous Sulfate) है। इसमें 20% एलिमेंटल आयरन होता है। अन्य विकल्प: फेरस फ्यूमरेट, फेरस ग्लूकोनेट। कैसे काम करता है? यह शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है, जिससे हीमोग्लोबिन बनना शुरू हो जाता है। खुराक: आमतौर पर 100-200 mg एलिमेंटल आयरन प्रतिदिन, खाली पेट (या विटामिन C के साथ)। साइड इफेक्ट्स: कब्ज, पेट खराब, मल का काला होना (यह सामान्य है), मतली। इनसे बचने के लिए खाने के साथ लें या धीरे-धीरे खुराक बढ़ाएं। इंजेक्शन: गंभीर मामलों में या जब मुंह से दवा काम न करे, तो आयरन सुक्रोज या फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज का IV इंजेक्शन दिया जाता है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन: बहुत गंभीर एनीमिया (Hb < 7 g/dL) में तुरंत खून चढ़ाया जाता है। इलाज की निगरानी (Monitoring) 2-4 हफ्तों में Hb लेवल चेक किया जाता है। सप्लीमेंट्स कम से कम 3-6 महीने तक लेना चाहिए, ताकि शरीर में आयरन स्टोर (फेरिटिन) भी भर जाए। अगर 4 हफ्तों में कोई सुधार न हो, तो डॉक्टर अवशोषण समस्या या अन्य कारणों की जांच करेंगे। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies) गुड़ और तिल: रोज सुबह खाली पेट 1 चम्मच गुड़ और 1 चम्मच तिल खाएं। आयरन और कैल्शियम से भरपूर। चुकंदर और गाजर का जूस: चुकंदर, गाजर, और सेब का जूस मिलाकर पिएं। यह नेचुरल आयरन बूस्टर है। आंवला: रोज 1-2 आंवला खाएं या आंवला पाउडर पानी में मिलाकर पिएं। विटामिन C से भरपूर, जो आयरन अवशोषण बढ़ाता है। काली किशमिश: रात को 10-15 किशमिश पानी में भिगो दें, सुबह खाली पेट खाएं और पानी पिएं। पालक का सूप: पालक, लहसुन, और अदरक का सूप बनाकर पिएं। हल्दी और शहद: 1 चम्मच हल्दी और शहद मिलाकर खाएं। हल्दी में आयरन होता है और यह खून साफ करता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) नियमित व्यायाम: हल्का व्यायाम (जैसे वॉक, योग) रक्त संचार बढ़ाता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुधारता है। ज्यादा जोर न लगाएं। पर्याप्त नींद: 7-8 घंटे की नींद लें। थकान को कम करने में मदद मिलती है। तनाव कम करें: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, या म्यूजिक सुनें। तनाव से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो एनीमिया को बदतर बना सकता है। धूम्रपान छोड़ें: सिगरेट में कार्बन मोनोऑक्साइड होता है, जो ऑक्सीजन को ब्लॉक करता है। पानी पिएं: पर्याप्त पानी पीने से खून पतला रहता है और सर्कुलेशन बेहतर होता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर असर डिप्रेशन और चिंता: आयरन की कमी से ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर प्रभावित होते हैं, जिससे मूड खराब होता है। ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई (Brain Fog): ऑक्सीजन की कमी से दिमाग सुस्त हो जाता है, पढ़ाई या काम में मन नहीं लगता। चिड़चिड़ापन: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना या रोना आना। सोने में परेशानी: अनिद्रा या बेचैन नींद (खासकर RLS के कारण)। दैनिक जीवन पर असर काम में कमी: थकान के कारण ऑफिस का काम या घर का काम करना मुश्किल हो जाता है। सामाजिक जीवन: बाहर जाने, दोस्तों से मिलने की इच्छा नहीं होती। अकेलापन बढ़ता है। शारीरिक संबंध: सेक्स ड्राइव कम हो सकती है, क्योंकि शरीर में ऊर्जा नहीं होती। गर्भावस्था में जोखिम: प्रीटर्म डिलीवरी, कम वजन का बच्चा, और पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। क्या करें? परिवार और दोस्तों से बात करें। अगर मानसिक लक्षण ज्यादा हों, तो काउंसलर से मिलें। याद रखें, एनीमिया ठीक होने पर ये लक्षण भी कम हो जाएंगे। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. क्या आयरन की कमी से एनीमिया अपने आप ठीक हो सकता है? नहीं, आमतौर पर यह अपने आप ठीक नहीं होता। अगर कारण (जैसे खराब डाइट या हैवी पीरियड्स) को ठीक न किया जाए, तो यह बदतर हो सकता है। सही इलाज और डाइट से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन इसमें कई महीने लग सकते हैं। 2. क्या पालक में वाकई बहुत आयरन होता है? हां, पालक में आयरन होता है, लेकिन इसमें ऑक्सलेट भी होता है, जो आयरन के अवशोषण को कम करता है। इसलिए पालक को पकाकर खाएं और साथ में नींबू निचोड़ें। पालक की तुलना में मेथी, सरसों का साग, और दालों में ज्यादा आयरन होता है। 3. क्या चाय पीने से एनीमिया होता है? चाय में टैनिन होता है, जो आयरन के अवशोषण को कम करता है, लेकिन इससे सीधे एनीमिया नहीं होता। अगर आप पहले से आयरन की कमी से जूझ रहे हैं, तो खाने के तुरंत बाद चाय न पिएं। खाने के 1-2 घंटे बाद पिएं। 4. क्या आयरन सप्लीमेंट्स से वजन बढ़ता है? नहीं, आयरन सप्लीमेंट्स से सीधे वजन नहीं बढ़ता। हां, जब एनीमिया ठीक होता है, तो भूख बढ़ सकती है और ऊर्जा लौट सकती है, जिससे वजन थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन यह साइड इफेक्ट नहीं है। 5. क्या गर्भावस्था में आयरन की कमी खतरनाक है? हां, बहुत खतरनाक। इससे प्रीटर्म डिलीवरी, कम वजन का बच्चा, और मां में पोस्टपार्टम हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट्स लेना चाहिए। 6. क्या एनीमिया से बाल झड़ते हैं? हां, आयरन की कमी से बालों के रोम (hair follicles) को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। एनीमिया ठीक होने पर बाल फिर से उगने लगते हैं। 7. क्या एनीमिया से दिल की बीमारी हो सकती है? हां, लंबे समय तक एनीमिया रहने से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और दिल का आकार बढ़ सकता है (कार्डियोमेगाली)। गंभीर मामलों में हार्ट फेलियर का खतरा होता है। 8. क्या एनीमिया से पैरों में दर्द होता है? हां, खासकर Restless Legs Syndrome (RLS) के कारण पैरों में झनझनाहट, दर्द, या हिलाने की इच्छा होती है। यह रात में ज्यादा होता है और नींद में खलल डालता है। 9. क्या एनीमिया में खून चढ़ाना जरूरी है? ज्यादातर मामलों में नहीं। केवल बहुत गंभीर एनीमिया (Hb < 7 g/dL) या तेजी से खून बहने की स्थिति में ही ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है। सामान्य मामलों में आयरन सप्लीमेंट्स और डाइट से काम चल जाता है। 10. क्या एनीमिया से कैंसर होता है? नहीं, एनीमिया सीधे कैंसर का कारण नहीं बनता। हां, कुछ कैंसर (जैसे कोलन कैंसर) के कारण खून की कमी हो सकती है, जिससे एनीमिया होता है। इसलिए अगर एनीमिया का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता, तो डॉक्टर आगे की जांच कर सकते हैं। महत्वपूर्ण चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान, या उपचार का विकल्प नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लें, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या कोई दवा ले रहे हैं। स्व-दवा (self-medication) खतरनाक हो सकती है। लेखक और प्रकाशक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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