predomide 100mg tablet - Uses, Price and Side Effects

predomide 100mg tablet: Uses, Price & Side Effects

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Thalidomide (100mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Premedium Pharmaceuticals Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 11, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is predomide 100mg tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
predomide 100mg tablet is primarily used for the treatment of anti infectives.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Thalidomide (100mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? Over 80% of the antiretroviral drugs used globally to combat AIDS are supplied by Indian pharmaceutical companies.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Thalidomide (100mg)
Manufacturer / BrandPremedium Pharmaceuticals Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassThalidomide & its Immunomodulatory derivatives (IMiDs)
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 predomide 100mg tablet Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take predomide 100mg tablet (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of predomide 100mg tablet (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Headache
  • Sleepiness
  • Nausea
  • Rash
  • Weakness
  • Dizziness
  • Edema (swelling)
  • Loss of appetite
  • Decreased white blood cell count
  • Decreased calcium level in blood
  • Weight gain
  • Fatigue
  • Muscle weakness
  • Fever
  • Anxiety
  • Blood clots
  • Dry skin
  • Weight loss
  • Confusion
  • Decreased white blood cell count (neutrophils)
  • Neuropathy
  • Constipation
  • Tremors

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Inhaler pe addiction? Mera dost bolta hai roz le rahi hai tu! 😤

Yaar ek baat btao. Mera ek dost (jisko asthma nahi hai) bolta hai ki "tu roz inhaler le rahi hai, teri addiction ho gayi hai". Seriously? 😤 Meri mummy bhi pehle aise hi sochti thi ki inhaler pe "dependent" ho jaungi. But maine asthma specialist se pucha to unhone clear kiya ki inhaler ka regular use addiction nahi hai. Actually ye to daily control ke liye hota hai, jaise BP ya diabetes ki dawai. Kal hi mera ek incident hua. Subah jhadu lagate waqt dhool ud gayi aur meri saans phool gayi. Mera rescue inhaler paas me nahi tha. Tab lag ki agar main regularly preventer inhaler nahi le rahi hoti to aur serious ho jata. Ab to pura din ghar me air purifier bhi chala rahi hu. Aap logon ka kya experience hai? Kya kabhi aapne bhi suna ki inhaler addiction hota hai? Main to ab firmly believe karti hu ki asthma control ke liye regular inhaler lena zaroori hai. Bas sahi tarike se doctor ki advice follow karo, koi addiction nahi hai ye.

Complete Guide to Healthy Eating Habits - 31-05-2026

स्वस्थ खाने की आदतें: एक संपूर्ण चिकित्सा मार्गदर्शिका (Healthy Eating Habits: A Complete Medical Guide) नमस्ते! क्या आप जानते हैं कि हमारी सेहत की नींव हमारी थाली में छिपी होती है? आज के व्यस्त जीवन में, जंक फूड और अनियमित खानपान ने हमारे शरीर को कई बीमारियों का घर बना दिया है। यह गाइड आपको स्वस्थ खाने की आदतों के बारे में हर वो चीज़ बताएगी जो एक डॉक्टर अपने मरीज़ को समझाता है। चाहे आप वज़न कम करना चाहते हों, डायबिटीज़ कंट्रोल करना चाहते हों, या बस एक लंबी और स्वस्थ ज़िंदगी जीना चाहते हों – यह गाइड आपके लिए है। 1. गहरा परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) शरीर के अंदर क्या होता है? (What Happens Inside the Body?) जब हम खाते हैं, तो हमारा शरीर भोजन को तोड़कर ग्लूकोज़ (शुगर) बनाता है। यह ग्लूकोज़ हमारी कोशिकाओं (cells) के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब हम असंतुलित आहार लेते हैं – जैसे ज़्यादा मीठा, प्रोसेस्ड फूड, या तला-भुना खाना। इंसुलिन रेज़िस्टेंस (Insulin Resistance): जब हम बार-बार हाई-शुगर या हाई-कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाते हैं, तो हमारा पैंक्रियाज़ (pancreas) ज़्यादा इंसुलिन बनाने लगता है। धीरे-धीरे कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता खो देती हैं – इसे इंसुलिन रेज़िस्टेंस कहते हैं। यह मोटापा, डायबिटीज़ टाइप 2, और हृदय रोगों की जड़ है। सूजन (Inflammation): प्रोसेस्ड फूड और ट्रांस फैट्स शरीर में 'लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन' पैदा करते हैं। यह सूजन धीरे-धीरे धमनियों (arteries) को नुकसान पहुंचाती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। गट हेल्थ (Gut Health): हमारी आंतों में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया रहते हैं। जंक फूड बुरे बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जिससे पाचन खराब होता है, इम्युनिटी कमज़ोर होती है, और मूड भी प्रभावित होता है। स्वस्थ खाने की आदतें इन सभी तंत्रों को रिवर्स कर सकती हैं – इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती हैं, सूजन कम करती हैं, और आंतों को हेल्दी रखती हैं। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common AND Rare Symptoms) जब शरीर देता है संकेत (When Your Body Gives Signals) अगर आपकी खाने की आदतें सही नहीं हैं, तो शरीर कई तरह से इशारा करता है। ये लक्षण सिर्फ मोटापे या थकान तक सीमित नहीं हैं: सामान्य लक्षण (Common Symptoms): लगातार थकान: खासकर खाना खाने के बाद – यह ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव का संकेत है। बार-बार भूख लगना: खासकर मीठे की क्रेविंग – यह इंसुलिन रेज़िस्टेंस का शुरुआती लक्षण हो सकता है। वज़न बढ़ना: खासकर पेट के आसपास – यह हार्मोनल असंतुलन और मेटाबॉलिज्म स्लो होने का संकेत है। पाचन संबंधी समस्याएं: गैस, एसिडिटी, कब्ज़ या दस्त – ये सब गट हेल्थ खराब होने के लक्षण हैं। त्वचा पर मुहांसे या रैशेज़: हाई शुगर और डेयरी प्रोडक्ट्स से स्किन इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms): पैरों में जलन या झुनझुनी (Burning/Tingling in Feet): यह डायबिटीज़ न्यूरोपैथी का शुरुआती संकेत हो सकता है, जो लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर के कारण होता है। धुंधला दिखना (Blurry Vision): ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव से आंखों के लेंस में सूजन आ सकती है। बार-बार इन्फेक्शन होना: जैसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) या फंगल इन्फेक्शन – यह कमज़ोर इम्युनिटी का संकेत है। घाव का धीरे भरना: हाई ब्लड शुगर ब्लड सर्कुलेशन को धीमा कर देता है। मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन: ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से सेरोटोनिन (खुशी का हार्मोन) प्रभावित होता है। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan – Exactly What to Eat and What to Avoid) खाएं ये (Eat These – Indian Superfoods) भारतीय रसोई में ढेरों हेल्दी ऑप्शन हैं। बस सही तरीके से चुनना और पकाना ज़रूरी है: साबुत अनाज (Whole Grains): ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, रागी (nachni), ओट्स, क्विनोआ। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और ब्लड शुगर को धीरे बढ़ाते हैं। दालें और फलियां (Legumes): मूंग दाल, चना, राजमा, सोयाबीन। ये प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Greens): पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ। ये आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। मौसमी फल (Seasonal Fruits): सेब, नाशपाती, जामुन, अमरूद, संतरा, पपीता। केला और आम सीमित मात्रा में लें (क्योंकि इनमें शुगर ज़्यादा होती है)। हेल्दी फैट्स (Healthy Fats): घी (सीमित मात्रा में), नारियल तेल, जैतून का तेल, बादाम, अखरोट, अलसी के बीज (flaxseeds), चिया सीड्स। प्रोटीन स्रोत: पनीर, दही (ग्रीक योगर्ट), अंडे, चिकन (बिना त्वचा के), मछली (सैल्मन, टूना), टोफू। मसाले (Spices): हल्दी, अदरक, लहसुन, दालचीनी, जीरा, मेथी दाना – ये सूजन कम करते हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। न खाएं ये (Avoid These – The Silent Killers) रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: सफेद चावल, मैदा, सफेद ब्रेड, नूडल्स, पास्ता। ये ब्लड शुगर को तेज़ी से बढ़ाते हैं। चीनी और मीठे पेय: कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, केक, पेस्ट्री। ये खाली कैलोरी हैं और इंसुलिन रेज़िस्टेंस बढ़ाते हैं। ट्रांस फैट और तला-भुना: समोसा, पकौड़ा, फ्रेंच फ्राइज़, बर्गर, पिज़्ज़ा। ये सूजन और हृदय रोगों का कारण बनते हैं। प्रोसेस्ड मीट: सॉसेज, बेकन, नगेट्स – इनमें सोडियम और प्रिज़र्वेटिव्स ज़्यादा होते हैं। ज़्यादा नमक: अचार, पापड़, चिप्स, सोया सॉस – हाई ब्लड प्रेशर का कारण। एक दिन का नमूना डाइट प्लान (Sample Daily Meal Plan) सुबह (7:00 AM): गुनगुने पानी में नींबू और शहद। नाश्ता (8:00 AM): 1 कटोरी ओट्स या रागी दलिया, 1 सेब, और 5-6 बादाम। मिड-मॉर्निंग (10:30 AM): 1 कप ग्रीन टी और 1 मुट्ठी भुने चने। दोपहर का खाना (1:00 PM): 1 रोटी (ज्वार/बाजरे की), 1 कटोरी मूंग दाल, हरी सब्जी (जैसे लौकी या तोरी), और दही। शाम का नाश्ता (4:00 PM): 1 फल (जैसे नाशपाती) या 1 कप मखाने (fox nuts) की चाय। रात का खाना (7:00 PM): 1 कटोरी ब्राउन राइस या क्विनोआ, 1 कटोरी मिक्स वेजिटेबल सूप, और ग्रिल्ड पनीर या चिकन। सोने से पहले (9:30 PM): 1 कप गर्म दूध (हल्दी के साथ) या 1 कटोरी दही। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management – How Medicines Work) महत्वपूर्ण: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। आमतौर पर दी जाने वाली दवाएं (Commonly Prescribed Medicines) मेटफॉर्मिन (Metformin): यह टाइप 2 डायबिटीज़ की पहली पसंद है। यह लिवर में ग्लूकोज़ उत्पादन कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है। स्टैटिन्स (Statins): जैसे एटोरवास्टेटिन – ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और हार्ट अटैक का खतरा घटाते हैं। एंटीहाइपरटेंसिव (Antihypertensives): जैसे एम्लोडिपिन या लोसार्टन – ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं। प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स (PPIs): जैसे ओमेप्राज़ोल – एसिडिटी और गैस्ट्रिक अल्सर के लिए। सप्लीमेंट्स: विटामिन D, विटामिन B12, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स – कमी के आधार पर डॉक्टर लिखते हैं। दवाएं कैसे काम करती हैं? (How Do They Work?) ये दवाएं सीधे तौर पर बीमारी के मैकेनिज्म को टार्गेट करती हैं – जैसे इंसुलिन के स्तर को संतुलित करना, सूजन को कम करना, या कोलेस्ट्रॉल को कम करना। लेकिन याद रखें: दवाएं सिर्फ लक्षणों को कंट्रोल करती हैं, जड़ को नहीं। स्थायी समाधान के लिए स्वस्थ खाने की आदतें और जीवनशैली में बदलाव ज़रूरी हैं। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू नुस्खे (Home Remedies) मेथी दाना (Fenugreek Seeds): रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट चबाएं। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करता है और पाचन सुधारता है। दालचीनी (Cinnamon): एक चुटकी दालचीनी पाउडर गर्म पानी या चाय में डालकर पिएं। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती है। आंवला (Indian Gooseberry): रोज़ाना एक आंवला खाएं या इसका जूस पिएं। यह विटामिन C का खज़ाना है और इम्युनिटी बढ़ाता है। हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk): रात को सोने से पहले पिएं। यह सूजन कम करता है और अच्छी नींद लाने में मदद करता है। त्रिफला (Triphala): यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी पाचन को साफ करती है और कब्ज़ दूर करती है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) नियमित व्यायाम (Regular Exercise): रोज़ाना कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, योग, या साइकिलिंग करें। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। पर्याप्त नींद (Adequate Sleep): 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद की कमी से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ता है, जो वज़न और ब्लड शुगर को प्रभावित करता है। स्ट्रेस मैनेजमेंट: ध्यान (meditation), डीप ब्रीदिंग, या अपने शौक के लिए समय निकालें। तनाव खाने की आदतों को बिगाड़ता है। हाइड्रेशन: दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और भूख को कंट्रोल करता है। माइंडफुल ईटिंग (Mindful Eating): धीरे-धीरे खाएं, हर निवाले का स्वाद लें। टीवी या फोन देखते हुए न खाएं – इससे ओवरईटिंग होती है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health and Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) खाने की आदतों का सीधा असर आपके मूड और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis) नाम का एक कनेक्शन है – आपकी आंत और दिमाग आपस में बात करते हैं। खराब आदतें: जंक फूड और शुगर से सेरोटोनिन (खुशी का हार्मोन) का स्तर गिरता है, जिससे चिंता, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। अच्छी आदतें: फाइबर, प्रोबायोटिक्स (दही, किमची), और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स (अखरोट, मछली) दिमाग को शांत रखते हैं और फोकस बढ़ाते हैं। दैनिक जीवन (Daily Life) ऊर्जा स्तर: सही खाने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है, जबकि गलत खाने से दोपहर में सुस्ती और थकान होती है। काम पर प्रभाव: हेल्दी डाइट से एकाग्रता बढ़ती है, प्रोडक्टिविटी सुधरती है, और बीमार छुट्टियां कम होती हैं। सामाजिक जीवन: जब आप हेल्दी खाते हैं, तो आत्मविश्वास बढ़ता है, और आप दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. क्या वजन घटाने के लिए भूखा रहना सही है? नहीं! भूखा रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर मसल्स को तोड़ने लगता है। इसके बजाय, दिन में 5-6 बार छोटे-छोटे हेल्दी मील लें। 2. क्या डायबिटीज़ में फल खा सकते हैं? हां, लेकिन सीमित मात्रा में। केला, आम, और अंगूर जैसे हाई-शुगर फलों से बचें। सेब, नाशपाती, जामुन, और अमरूद जैसे लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल चुनें। 3. क्या घी खाना सेहत के लिए अच्छा है? हां, लेकिन सीमित मात्रा में (1-2 चम्मच रोज़ाना)। देसी घी में हेल्दी फैट्स और विटामिन होते हैं, लेकिन ज़्यादा खाने से वज़न बढ़ सकता है। 4. क्या शाकाहारी डाइट से पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है? बिल्कुल! दालें, पनीर, सोया, टोफू, चना, और क्विनोआ प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं। रोज़ाना अपनी डाइट में इन्हें शामिल करें। 5. क्या डिटॉक्स ड्रिंक्स या जूस क्लींज़ कारगर हैं? नहीं, ये सिर्फ मार्केटिंग का हथकंडा है। आपका लिवर और किडनी पहले से ही शरीर को डिटॉक्स करते हैं। सिर्फ पानी और फाइबर से भरपूर डाइट लें। 6. क्या रात में दूध पीना चाहिए? हां, गर्म दूध (हल्दी के साथ) नींद में मदद करता है। लेकिन अगर आपको लैक्टोज़ इनटॉलरेंस है, तो बादाम या सोया दूध लें। 7. क्या चावल खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए? नहीं, बस सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस, ज्वार, या बाजरा लें। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और ब्लड शुगर को नहीं बढ़ाते। 8. क्या मीठा खाने की क्रेविंग को कैसे कंट्रोल करें? खजूर, अंजीर, या डार्क चॉकलेट (70% कोको) खाएं। धीरे-धीरे शुगर की आदत छूट जाएगी। 9. क्या खाने के तुरंत बाद पानी पीना चाहिए? खाने के 30 मिनट बाद पानी पिएं। तुरंत पानी पीने से पाचन एंजाइम्स पतले हो जाते हैं और पाचन धीमा होता है। 10. क्या स्वस्थ खाने की आदतों से बीमारियां पूरी तरह ठीक हो सकती हैं? कई मामलों में, जैसे टाइप 2 डायबिटीज़, मोटापा, और हाई ब्लड प्रेशर, हेल्दी डाइट और जीवनशैली से बीमारी को रिवर्स किया जा सकता है। लेकिन हमेशा डॉक्टर की सलाह लें। निष्कर्ष (Conclusion) स्वस्थ खाने की आदतें कोई सख्त डाइट नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। यह आपको न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी देती है। छोटे-छोटे बदलावों से शुरुआत करें – जैसे चीनी कम करना, साबुत अनाज अपनाना, और रोज़ाना 30 मिनट टहलना। याद रखें, आपकी थाली आपकी दवा है। चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान, या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी नई डाइट, दवा, या व्यायाम योजना को शुरू करने से पहले हमेशा एक योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें। लेखक इस जानकारी के उपयोग से होने वाली किसी भी हानि या क्षति के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

92 kilo! BP high, snoring aur saans rukna - koi desi nuskha hai weight loss aur sleep apnea ka?

Yaar kal hi Mera weight check karaya. 92 kilo ho gaya hai. Pichle 2 saal mein 10 kilo badh gaya. Aur mera BP bhi high rehta hai, doctor ne kaha hai weight kam karo to BP bhi control hoga aur snoring bhi kam hoga. Main subah subah uth ke thoda walk karne laga hoon. Par honestly, 15 minute walk se kya hoga? Kuchh aur batao bhai log. Kya koi aisa desi nuskha hai jisse weight kam ho aur snoring band ho? Maine suna hai neem ki patti aur honey se kuch fayda hota hai? Par maine try nahi kiya. Ek aur baat - raat ko sote waqt mera saans rukta hai jaise. Bahut dar lagta hai. Lekin CPAP machine ka sochta hoon to sharam aati hai. Padosi log puchenge "ye kya bakwas machine lagaya hai?" Isliye main soch raha hoon pehle weight loss karke dekhoon. Aap logon ne kuch weight loss ka success story share kiya to bahut madad hogi.

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