omnicef-o 100mg tablet dt - Uses, Price and Side Effects

omnicef-o 100mg tablet dt: Uses in Hindi (Fayde), Price, Side Effects & Substitutes

No reviews yet
Cefixime (100mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Aristo Pharmaceuticals Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 16, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is omnicef-o 100mg tablet dt used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
omnicef-o 100mg tablet dt (manufactured by Aristo Pharmaceuticals Pvt Ltd) is a highly effective medicine primarily used for the treatment of anti infectives. It helps in relieving symptoms and improving your overall health. Find the complete list of omnicef-o 100mg tablet dt uses in Hindi, alternatives, price in India, and dosage on SaathiMed below.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Cefixime (100mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.

🇮🇳 omnicef-o 100mg tablet dt के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

omnicef-o 100mg tablet dt का उपयोग मुख्य रूप से anti infectives और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Cefixime (100mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India is the largest provider of generic medicines globally, supplying over 50% of global vaccine demand.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Cefixime (100mg)
Manufacturer / BrandAristo Pharmaceuticals Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassCephalosporins: 3 generation
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Onset of Action:
30 to 60 minutes
Duration:
6 to 8 hours
Habit Forming:
No (Non-addictive)
Food:
Take after meal

💊 omnicef-o 100mg tablet dt Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take omnicef-o 100mg tablet dt (Dosage & Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💡 Expert Tips for Best Results

  • Follow the prescription: Always use omnicef-o 100mg tablet dt exactly as prescribed by your healthcare provider. Do not alter the dosage yourself.
  • Check Expiry: Never consume expired medicines. Always double-check the manufacturing and expiry date on the packaging before use.
  • Storage: Store the medicine in a cool, dry place away from direct sunlight and out of reach of children.
  • Report Side Effects: If you experience severe allergic reactions, swelling, or breathing issues after taking omnicef-o 100mg tablet dt, seek emergency medical help immediately.
  • Don't self-medicate: Do not share this medicine with others even if their symptoms seem similar to yours.

⚠️ omnicef-o 100mg tablet dt Side Effects (Nuksan) & Precautions

Common and serious side effects may include:

  • Nausea
  • Stomach pain
  • Indigestion
  • Diarrhea

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🛑 Myths vs. Facts about omnicef-o 100mg tablet dt

  • Myth: Generic substitutes of omnicef-o 100mg tablet dt are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Cefixime (100mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of omnicef-o 100mg tablet dt can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

💬 Real Patient Experiences (Astitva)

Join Community

Read real stories and discussions from our patient community regarding similar health conditions.

Complete Guide to Heart Healthy Diet - 12-06-2026

दिल को स्वस्थ रखने वाला आहार (Heart Healthy Diet): एक संपूर्ण चिकित्सा मार्गदर्शिका नमस्कार! आज हम बात करेंगे हार्ट हेल्दी डाइट की। यह सिर्फ एक डाइट नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव है, जो आपके दिल को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करता है। इस गाइड में हम हर पहलू को विस्तार से समझेंगे—बीमारी कैसे होती है, लक्षण क्या हैं, क्या खाएं और क्या न खाएं, दवाइयां, घरेलू उपाय और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Disease Mechanism) दिल की बीमारी कैसे शुरू होती है? दिल की बीमारी, जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD), तब होती है जब हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियाँ (arteries) संकरी या ब्लॉक हो जाती हैं। इसका मुख्य कारण है एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis)—धमनियों की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल, फैट, कैल्शियम और अन्य पदार्थों का जमा होना। इसे 'प्लाक' (plaque) कहते हैं। शरीर के अंदर क्या होता है? सूजन (Inflammation): जब आप असंतुलित आहार लेते हैं (जैसे ज्यादा तला-भुना, मैदा, शक्कर), तो शरीर में सूजन बढ़ती है। यह सूजन धमनियों की भीतरी परत (endothelium) को नुकसान पहुंचाती है। कोलेस्ट्रॉल का जमाव: खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) इस क्षतिग्रस्त जगह पर चिपक जाता है और ऑक्सीकृत (oxidized) हो जाता है। सफेद रक्त कोशिकाएं (macrophages) इसे खाने लगती हैं, जिससे 'फोम सेल्स' बनते हैं—यह प्लाक की शुरुआत है। प्लाक का बढ़ना: समय के साथ, प्लाक सख्त हो जाता है (calcification) और धमनी को संकरा कर देता है। रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे दिल तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती। थक्का (Clot) बनना: अगर प्लाक फट जाए, तो शरीर उसे ठीक करने के लिए थक्का बनाता है। यह थक्का धमनी को पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक आता है। हार्ट हेल्दी डाइट कैसे मदद करती है? यह सूजन को कम करती है। LDL को कम और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाती है। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है। वजन को कंट्रोल में रखती है, जिससे दिल पर दबाव कम होता है। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण सीने में दर्द या भारीपन (Angina): यह दर्द छाती के बीच में, बाएं हाथ, कंधे, जबड़े या पीठ में हो सकता है। अक्सर यह तनाव या शारीरिक मेहनत के बाद बढ़ता है। सांस फूलना (Shortness of breath): हल्की सीढ़ियां चढ़ने पर भी सांस फूलने लगती है। थकान (Fatigue): बिना किसी कारण के लगातार थकान महसूस होना, खासकर महिलाओं में। धड़कन तेज होना (Palpitations): दिल तेज या अनियमित रूप से धड़कने लगता है। चक्कर आना या बेहोशी (Dizziness): दिमाग तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने के कारण। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms) पैरों में सूजन (Edema): दिल की विफलता (heart failure) के कारण पैरों, टखनों या पेट में पानी जमा होना। पाचन संबंधी समस्याएं: सीने में जलन, अपच या मतली—खासकर महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान। गर्दन या गले में दर्द: बिना सीने के दर्द के केवल गले में जकड़न या दर्द। नींद में खलल (Sleep apnea): रात में बार-बार सांस रुकना, जो दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। त्वचा पर नीले निशान (Cyanosis): होंठ या उंगलियां नीली पड़ना—ऑक्सीजन की कमी का संकेत। 3. विस्तृत आहार योजना (Detailed Diet Plan) यहां हम भारतीय खाद्य पदार्थों पर फोकस करेंगे। याद रखें: सही आहार = दवा से कम नहीं! ✅ क्या खाएं (Foods to Eat) साबुत अनाज (Whole grains): जई (oats), ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, रागी (nachni), क्विनोआ। इनमें फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रॉल कम करता है। फल और सब्जियां: हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों का साग (विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट)। रंगीन सब्जियां: गाजर, चुकंदर, शिमला मिर्च, टमाटर (लाइकोपीन)। फल: अनार, सेब, संतरा, जामुन, अंगूर, पपीता। केला और आम सीमित मात्रा में (शुगर ज्यादा)। हेल्दी फैट (Healthy Fats): नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स, कद्दू के बीज। तेल: जैतून का तेल, सरसों का तेल, तिल का तेल, अलसी का तेल। नारियल तेल सीमित मात्रा में। एवोकाडो: अगर उपलब्ध हो तो। लीन प्रोटीन (Lean Protein): दालें और फलियां: मूंग दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, मसूर दाल। मछली: सैल्मन, मैकेरल (बंगड़ा), सार्डिन—इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। हफ्ते में 2 बार खाएं। चिकन (बिना त्वचा के): सीमित मात्रा में। अंडे: जर्दी सीमित रखें (हफ्ते में 2-3 बार)। डेयरी (कम वसा वाली): दूध, दही, पनीर (टोंड या डबल टोंड)। मसाले और जड़ी-बूटियां: हल्दी, अदरक, लहसुन, दालचीनी, जीरा, धनिया—ये सूजन कम करते हैं। ❌ क्या न खाएं (Foods to Avoid) ट्रांस फैट (Trans Fat): बाजार में मिलने वाले समोसे, पकौड़े, बिस्कुट, कुकीज, डिब्बाबंद स्नैक्स। ये 'हाइड्रोजेनेटेड ऑयल' से बने होते हैं। रेड मीट: मटन, बीफ, पोर्क—इनमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। तला-भुना और जंक फूड: फ्रेंच फ्राइज, बर्गर, पिज्जा, चाउमीन, नूडल्स। मैदा और रिफाइंड कार्ब्स: सफेद ब्रेड, पास्ता, नान, कुल्चा, केक। शक्कर और मीठा: कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयां (गुलाब जामुन, जलेबी), आइसक्रीम। ज्यादा नमक: अचार, पापड़, चिप्स, सोया सॉस। नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। नमूना आहार योजना (Sample Diet Plan) समय खाना सुबह (6-7 बजे) गुनगुने पानी में नींबू + 1 चम्मच अलसी के बीज (भिगोए हुए) नाश्ता (8-9 बजे) 1 कटोरी ओट्स/दलिया (दूध या पानी में) + मुट्ठी भर बादाम और अखरोट + 1 सेब दोपहर (12-1 बजे) 1 रोटी (ज्वार/बाजरा/गेहूं) + 1 कटोरी मूंग दाल + हरी सब्जी + सलाद (खीरा, टमाटर, गाजर) शाम (4-5 बजे) 1 कप ग्रीन टी + 1 मुट्ठी भुने चने या 1 फल (संतरा/नाशपाती) रात (7-8 बजे) 1 कटोरी सब्जी खिचड़ी (मूंग दाल + चावल) + दही + हरी चटनी सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध (हल्दी के साथ) या 1 कप कैमोमाइल चाय 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) ध्यान दें: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। आमतौर पर दी जाने वाली दवाएं और उनका काम स्टैटिन (Statins) — जैसे एटोरवास्टेटिन, रोसुवास्टेटिन: ये लीवर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को रोकते हैं, जिससे LDL कम होता है। ये प्लाक को स्थिर भी करते हैं, जिससे फटने का खतरा कम होता है। बीटा-ब्लॉकर्स (Beta-blockers) — जैसे मेटोप्रोलोल, एटेनोलोल: ये दिल की धड़कन को धीमा करते हैं और ब्लड प्रेशर कम करते हैं, जिससे दिल को कम मेहनत करनी पड़ती है। एसीई इनहिबिटर (ACE inhibitors) — जैसे रामिप्रिल, लिसिनोप्रिल: ये रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करते हैं, जिससे रक्त प्रवाह आसान होता है और ब्लड प्रेशर कम होता है। एंटीप्लेटलेट (Antiplatelet) — जैसे एस्पिरिन, क्लोपिडोग्रेल: ये रक्त को पतला करते हैं और थक्के बनने से रोकते हैं। हार्ट अटैक के बाद अक्सर दी जाती हैं। नाइट्रेट (Nitrates) — जैसे नाइट्रोग्लिसरीन: ये सीने के दर्द (angina) से तुरंत राहत देने के लिए दी जाती हैं। ये रक्त वाहिकाओं को फैलाती हैं। दवाओं के साथ सावधानियां: दवाएं नियमित समय पर लें। साइड इफेक्ट्स (जैसे मांसपेशियों में दर्द, चक्कर) होने पर डॉक्टर को बताएं। अचानक दवा बंद न करें—इससे रिबाउंड इफेक्ट हो सकता है। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies) लहसुन (Garlic): रोज सुबह खाली पेट 1 कली लहसुन पानी के साथ लें। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर कम करता है। अदरक की चाय: अदरक का एक टुकड़ा उबालकर चाय बनाएं। यह सूजन कम करता है और रक्त संचार सुधारता है। हल्दी वाला दूध: रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। करक्यूमिन सूजन रोधी है। अलसी के बीज (Flaxseeds): 1 चम्मच अलसी के बीज रात भर पानी में भिगोकर सुबह चबाएं। ओमेगा-3 से भरपूर। नींबू पानी: गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पिएं। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और विटामिन C देता है। जीवनशैली में बदलाव नियमित व्यायाम: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम (तेज चलना, साइकिलिंग, तैराकी)। या रोज 30 मिनट पैदल चलें। तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान (meditation), गहरी सांस लेने के व्यायाम (pranayama) करें। तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो दिल के लिए हानिकारक है। नींद पूरी करें: रोज 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर और सूजन बढ़ती है। धूम्रपान और शराब छोड़ें: धूम्रपान धमनियों को संकरा करता है। शराब सीमित मात्रा में (1 ड्रिंक/दिन) ही लें। वजन नियंत्रण: बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 18.5-24.9 के बीच रखें। पेट की चर्बी (बेली फैट) दिल के लिए सबसे खतरनाक है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health and Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव चिंता और डर: हार्ट अटैक के बाद मरीजों को बार-बार डर लगता है कि कहीं फिर से अटैक न आ जाए। यह चिंता (anxiety) को बढ़ाता है। डिप्रेशन: दिल की बीमारी के बाद डिप्रेशन का खतरा 3 गुना बढ़ जाता है। लक्षण: उदासी, रुचि की कमी, नींद न आना। सामाजिक अलगाव: मरीज अक्सर बाहर जाने या सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से कतराते हैं, जिससे अकेलापन बढ़ता है। संज्ञानात्मक समस्याएं: दिमाग में रक्त प्रवाह कम होने से याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। दैनिक जीवन पर प्रभाव काम और उत्पादकता: थकान और सांस फूलने के कारण काम करना मुश्किल हो सकता है। कई मरीजों को नौकरी बदलनी पड़ती है या रिटायरमेंट लेना पड़ता है। रिश्तों पर असर: परिवार के सदस्यों पर भी तनाव आता है। वे मरीज की देखभाल में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे उनकी सेहत प्रभावित हो सकती है। यात्रा और गतिविधियां: भारी सामान उठाना, सीढ़ियां चढ़ना, लंबी यात्रा करना—सब कुछ चुनौतीपूर्ण हो जाता है। समाधान: मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग, सपोर्ट ग्रुप और परिवार का सहयोग जरूरी है। ध्यान और योग से मन शांत रहता है। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) 1. क्या हार्ट हेल्दी डाइट में चावल खा सकते हैं? हां, लेकिन ब्राउन राइस या लाल चावल खाएं। सफेद चावल में फाइबर कम होता है और यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। दिन में एक कटोरी से ज्यादा न लें। 2. क्या घी दिल के लिए अच्छा है या बुरा? घी में सैचुरेटेड फैट होता है, लेकिन यह विटामिन A, D, E, K का स्रोत है। सीमित मात्रा में (1-2 चम्मच/दिन) घी ठीक है, लेकिन ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। 3. क्या नारियल पानी पीना चाहिए? हां, नारियल पानी में पोटैशियम होता है जो ब्लड प्रेशर कम करता है। लेकिन इसमें प्राकृतिक शक्कर भी होती है, इसलिए दिन में 1-2 गिलास से ज्यादा न पिएं। 4. क्या मैं हार्ट अटैक के बाद भी मछली खा सकता हूं? बिल्कुल! ओमेगा-3 से भरपूर मछली (जैसे बंगड़ा, सैल्मन) हफ्ते में 2 बार खाएं। यह सूजन कम करती है और दिल की धड़कन को नियमित रखती है। 5. क्या शाकाहारी लोगों को प्रोटीन की कमी हो सकती है? नहीं, अगर आप दालें, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दही, और नट्स खाते हैं तो प्रोटीन की कमी नहीं होगी। रोजाना 1-2 कटोरी दाल और मुट्ठी भर नट्स जरूर लें। 6. क्या कॉफी दिल के लिए सुरक्षित है? सीमित मात्रा में (दिन में 1-2 कप) कॉफी ठीक है। लेकिन ज्यादा कैफीन से धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। अगर आपको पहले से ही हृदय रोग है, तो डॉक्टर से सलाह लें। 7. क्या मैं हार्ट हेल्दी डाइट में आलू खा सकता हूं? आलू को सीमित मात्रा में खाएं। इसे तलने के बजाय उबालकर या भाप में पकाकर खाएं। आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। 8. क्या हार्ट हेल्दी डाइट में चीनी का कोई विकल्प है? हां, आप गुड़ या शहद का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन बहुत सीमित मात्रा में (1 चम्मच/दिन)। सबसे अच्छा विकल्प है स्टीविया (stevia) या खजूर का पेस्ट। 9. क्या तेल बदलने से फर्क पड़ता है? हां, बहुत फर्क पड़ता है। जैतून का तेल (extra virgin) और सरसों का तेल सबसे अच्छे हैं। रिफाइंड तेल (जैसे पाम ऑयल) से बचें। खाना पकाने के लिए तेल की मात्रा 2-3 चम्मच/दिन से ज्यादा न रखें। 10. क्या हार्ट हेल्दी डाइट से वजन कम होता है? हां, यह डाइट वजन घटाने में मदद करती है क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा और कैलोरी कम होती है। लेकिन वजन घटाने के लिए कैलोरी डेफिसिट बनाना जरूरी है—यानी जितना खाएं, उससे ज्यादा कैलोरी बर्न करें। ⚠️ चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य चिकित्सक की सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। विशेष रूप से दवाओं, आहार में बड़े बदलाव या व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सीय सलाह आवश्यक है। लेखक और प्रकाशक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। दिल को स्वस्थ रखें, जीवन को खुशहाल बनाएं! ❤️

Chai packet gir gaya aur main office washroom mein ro rahi hoon 😭 PCOD ne mood swings ka quota full kar diya

Okay yaar, I’m literally sitting in my office washroom hiding because I couldn’t stop crying over a chai packet that fell on the floor. 😭 This happens like clockwork every month before my periods. My PCOD mood swings have been on steroids this week. One minute I’m laughing at a meme, next minute I’m rage-typing to my mom about how she never taught me to manage money. Wtf is wrong with me?? I tried drinking jeera water for the bloating, but it didn’t touch the mood part. Anyone else feel like a literal volcano? Hostel life doesn’t help—I can’t control my diet, and the canteen food is just oil and masala. Do you guys take any supplements or home remedies that actually calm the emotional rollercoaster before periods? I’m desperate for something, even if it’s just a distraction trick. Also, why does no one talk about how PCOD makes you feel like two different people? 😤

Uthte hi fingers akad gaye! Arthritis ka dard kam karne ke 5 desi tips batao!

Namaste everyone. Aaj subah uthte hi fingers to bilkul akad gaye the, jaise kisi ne band kar diya ho. Atta gundne ki baat to chhod hi dijiye, chai ka cup uthane me bhi dard hota hai. Arthritis ka dard to hai hi, lekin inflammation kam karne ke liye koi aasan desi diet tips ho to share karo. Maine suna hai haldi aur ginger ka paani subah peene se fayda hota hai, to main roz subah khali pet haldi wala doodh le rahi hoon. Lekin kya ye kaafi hai? Kya koi aur bhi khaane-pine ki cheez hai jo din bhar ke dard kam kare? Jaise koi sabzi ya daal jo joint pain me aaram de. Main soch rahi hoon kahi green leafy vegetables to inflammation badha na dein? Kyonki mere dost ne kaha tha ki palak me oxalate hota hai jo arthritis walo ko nuksan kar sakta hai. Kya ye sach hai? Aur haan, maine ek baar ajwain ka pani piya tha, usse kuch aaram bhi aaya. Par aap log apne ghar me kya karte ho? Koi aasan nuskha ho to batayein. Dhanyavaad.

Browse SaathiMed's Medicines A-Z

Search our extensive medical database alphabetically to find uses, price, composition, and side effects.

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z
Back to Medicines Directory
SaathiMed App
SaathiMed App Consult doctors & order medicines faster
Install