flexcel eth 60mg/4mg tablet - Uses, Price and Side Effects

flexcel eth 60mg/4mg tablet: Uses, Price & Side Effects

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🏭 Prisure Medicare 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 10, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is flexcel eth 60mg/4mg tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
flexcel eth 60mg/4mg tablet is primarily used for the treatment of pain analgesics.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Etoricoxib (60mg) + Thiocolchicoside (4mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Etoricoxib (60mg) + Thiocolchicoside (4mg)
Manufacturer / BrandPrisure Medicare
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassPAIN ANALGESICS
Action Class
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 flexcel eth 60mg/4mg tablet Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take flexcel eth 60mg/4mg tablet (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of flexcel eth 60mg/4mg tablet (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Diarrhea
  • Stomach pain
  • Indigestion
  • Flatulence
  • Swelling of hands
  • Feet swelling
  • Flu-like symptoms

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Complete Guide to Weight Loss Tips - 10-06-2026

वेट लॉस टिप्स: एक संपूर्ण मेडिकल गाइड (Weight Loss Tips: A Complete Medical Guide) नमस्ते! क्या आप वजन कम करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं? यह गाइड आपको वेट लॉस के हर पहलू को समझने में मदद करेगी – शरीर के अंदर क्या होता है, क्या खाएं, क्या न खाएं, दवाइयां, घरेलू उपाय और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव। यह जानकारी पूरी तरह से SEO-optimized और Hinglish में है, ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें। 1. गहरी परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) वजन बढ़ने का साइंस: शरीर के अंदर क्या होता है? वजन बढ़ना एक जटिल प्रक्रिया है जो कैलोरी इनटेक और कैलोरी एक्सपेंडिचर के बीच असंतुलन से शुरू होती है। जब आप जितनी कैलोरी जलाते हैं, उससे ज्यादा खाते हैं, तो शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट सेल्स (एडिपोसाइट्स) में स्टोर करता है। यह फैट मुख्य रूप से ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में जमा होता है। हार्मोनल इम्बैलेंस: इंसुलिन एक प्रमुख हार्मोन है। जब आप ज्यादा शुगर या रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं, तो पैंक्रियाज ज्यादा इंसुलिन छोड़ता है, जो फैट स्टोरेज को बढ़ाता है और फैट बर्निंग को रोकता है। कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) भी पेट की चर्बी बढ़ाता है। लेप्टिन (भूख नियंत्रित करने वाला हार्मोन) रेजिस्टेंस बना सकता है, जिससे आपको बार-बार भूख लगती है। मेटाबॉलिज्म: बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) वह कैलोरी है जो आप आराम करते समय जलाते हैं। उम्र बढ़ने, मसल्स कम होने और थायरॉइड समस्याओं से BMR घटता है। माइटोकॉन्ड्रिया (सेल्स के पावरहाउस) की कार्यक्षमता कम होने से फैट बर्निंग धीमी हो जाती है। गट माइक्रोबायोम: आंतों में मौजूद बैक्टीरिया भी वजन को प्रभावित करते हैं। कुछ बैक्टीरिया (जैसे फर्मिक्यूट्स) ज्यादा कैलोरी निकालते हैं, जबकि अन्य (जैसे बैक्टेरॉइडेट्स) फैट कम करते हैं। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms): बॉडी मास इंडेक्स (BMI) > 25: वजन ज्यादा होने का पहला संकेत। पेट की चर्बी (Visceral Fat): कमर का घेरा पुरुषों में 90 सेमी और महिलाओं में 80 सेमी से ज्यादा होना। थकान और सुस्ती: मेटाबॉलिज्म धीमा होने से एनर्जी कम लगना। सांस फूलना: हल्की एक्सरसाइज या सीढ़ियां चढ़ने पर। जोड़ों में दर्द: घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त वजन का दबाव। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms): इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण त्वचा पर काले धब्बे (Acanthosis Nigricans): गर्दन, बगल या जांघों पर मखमली, काले निशान। स्लीप एपनिया: नींद में सांस रुकना, जो मोटापे से जुड़ा है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS): महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर बाल और वजन बढ़ना। फैटी लिवर: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या बेचैनी। हार्मोनल असंतुलन: थायरॉइड या कोर्टिसोल के कारण वजन बढ़ना, जो दुर्लभ है। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan) क्या खाएं (Kya Khaye): प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ: मूंग दाल, सोयाबीन, पनीर, अंडे, चिकन ब्रेस्ट, मछली (सार्डिन, मैकेरल)। प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को 20-30% तक बढ़ाता है। फाइबर युक्त चीजें: जौ, ओट्स, ब्राउन राइस, सब्जियां (पालक, ब्रोकली, लौकी), फल (सेब, नाशपाती, जामुन)। फाइबर पेट भरा रखता है और कैलोरी कम करता है। हेल्दी फैट्स: घी (1-2 चम्मच), नारियल तेल, बादाम, अखरोट, फ्लैक्स सीड्स। ये हार्मोन को संतुलित करते हैं। हर्बल चाय: ग्रीन टी, तुलसी की चाय, दालचीनी की चाय – मेटाबॉलिज्म बढ़ाती हैं। क्या न खाएं (Kya Na Khaye): रिफाइंड कार्ब्स: सफेद ब्रेड, मैदा, पास्ता, सफेद चावल। ये ब्लड शुगर बढ़ाकर फैट स्टोर करते हैं। शुगर और मीठे पेय: कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मिठाई (गुलाब जामुन, जलेबी)। ट्रांस फैट: समोसा, पकौड़ा, बिस्कुट, मार्जरीन। प्रोसेस्ड फूड: चिप्स, नमकीन, फ्रोजन फूड। नमूना डाइट प्लान (Sample Diet Plan): सुबह (7 AM): 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू + शहद। नाश्ता (8 AM): 2 अंडे का सफेद भाग + 1 रोटी (जौ या बाजरा) + सब्जी। मिड-मॉर्निंग (11 AM): 1 सेब या 10 बादाम। दोपहर का खाना (1 PM): 1 कटोरी दाल + 1 रोटी + सब्जी + सलाद (खीरा, टमाटर)। शाम का नाश्ता (4 PM): ग्रीन टी + 1 मुट्ठी भुने चने। रात का खाना (7 PM): ग्रिल्ड पनीर या चिकन + सब्जियां (स्टीम्ड)। सोने से पहले (9 PM): 1 गिलास गर्म दूध + हल्दी। 4. मेडिकल मैनेजमेंट (Medical Management) डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवाइयां (Educational Only): ऑर्लिस्टैट (Orlistat): फैट एब्जॉर्प्शन को रोकता है। यह पेट और आंतों में लाइपेज एंजाइम को ब्लॉक करता है, जिससे 30% फैट मल के जरिए बाहर निकल जाता है। साइड इफेक्ट: ऑयली स्टूल, पेट फूलना। मेटफॉर्मिन (Metformin): डायबिटीज के मरीजों के लिए, इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है और लिवर में ग्लूकोज प्रोडक्शन कम करता है। जीएलपी-1 एगोनिस्ट (GLP-1 Agonists): जैसे सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) – भूख कम करता है और पेट खाली होने की गति धीमी करता है। इंजेक्शन के रूप में लिया जाता है। बुपरोपियन-नाल्ट्रेक्सोन (Bupropion-Naltrexone): मस्तिष्क के भूख केंद्र को प्रभावित करता है। महत्वपूर्ण: ये दवाइयां डॉक्टर की सलाह पर ही लें। इनके साइड इफेक्ट हो सकते हैं और ये केवल मोटापे (BMI>30) या मोटापे से जुड़ी बीमारियों के लिए हैं। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies): त्रिफला चूर्ण: रात को 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें। यह पाचन सुधारता है और विषाक्त पदार्थ निकालता है। अदरक और नींबू पानी: सुबह खाली पेट पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है। दालचीनी पाउडर: 1 चुटकी गर्म पानी में मिलाकर पीने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। मेथी दाना: रात को भिगोकर सुबह चबाएं। फाइबर और गैलेक्टोमैनन फैट कम करते हैं। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): नींद पूरी लें: 7-8 घंटे की नींद ग्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) कम करती है और लेप्टिन बढ़ाती है। स्ट्रेस मैनेजमेंट: योग, मेडिटेशन या गहरी सांस लेने से कोर्टिसोल कम होता है। हाइड्रेशन: दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। पानी मेटाबॉलिज्म को 24-30% तक बढ़ाता है। एक्सरसाइज: कार्डियो (दौड़ना, तैरना) + स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना) – मसल्स बढ़ाकर BMR बढ़ाता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) वजन बढ़ने से डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ता है। सोसाइटी में बॉडी शेमिंग से आत्मसम्मान कम होता है। सोशल आइसोलेशन हो सकता है, क्योंकि लोग शारीरिक गतिविधियों से बचते हैं। दैनिक जीवन पर प्रभाव: सीढ़ियां चढ़ने में तकलीफ, नौकरी में प्रदर्शन कम, रिश्तों में तनाव। बॉडी इमेज इश्यू के कारण लोग डाइटिंग या बिंज ईटिंग कर सकते हैं। समाधान: थेरेपी (CBT), सपोर्ट ग्रुप, और छोटे लक्ष्य रखना। वजन कम करने से मानसिक स्वास्थ्य में 50% तक सुधार होता है। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. क्या वजन कम करने के लिए सिर्फ डाइट काफी है? नहीं, डाइट के साथ एक्सरसाइज भी जरूरी है। डाइट से कैलोरी कम होती है, लेकिन एक्सरसाइज से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और मसल्स बनती हैं। 2. क्या रात में दूध पीने से वजन बढ़ता है? गर्म दूध (बिना शुगर) पीने से नींद अच्छी आती है और मेटाबॉलिज्म धीमा नहीं होता। हां, ज्यादा मात्रा में या मीठा दूध वजन बढ़ा सकता है। 3. क्या हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण वजन कम नहीं होता? हां, थायरॉइड, PCOS या कोर्टिसोल इम्बैलेंस से वजन कम करना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर से हार्मोन टेस्ट कराएं और इलाज लें। 4. क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन कम होता है? हां, 16:8 फास्टिंग (16 घंटे भूखे रहना, 8 घंटे खाना) से इंसुलिन कम होता है और फैट बर्निंग बढ़ती है। लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह से करें। 5. क्या पानी पीने से वजन कम होता है? हां, खाने से पहले पानी पीने से पेट भरा रहता है और कैलोरी इनटेक कम होता है। साथ ही, पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। 6. क्या आयुर्वेदिक उपचार से वजन कम हो सकता है? हां, त्रिफला, गुग्गुल, और पंचकर्म जैसे उपचार से पाचन सुधरता है और फैट कम होता है। लेकिन इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में करें। 7. क्या मोटापे की सर्जरी (बेरिएट्रिक सर्जरी) सुरक्षित है? यह सर्जरी केवल गंभीर मोटापे (BMI>40) के लिए है। इससे 60-70% वजन कम होता है, लेकिन इसमें पोषण की कमी और अन्य जोखिम हैं। 8. क्या वजन कम करने के लिए दौड़ना जरूरी है? जरूरी नहीं, तेज चलना, साइकिलिंग या स्विमिंग भी कार्डियो का अच्छा विकल्प है। हफ्ते में 150 मिनट की मध्यम एक्सरसाइज काफी है। 9. क्या तनाव से वजन बढ़ता है? हां, तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो पेट की चर्बी और भूख बढ़ाता है। योग और मेडिटेशन से इसे कंट्रोल करें। 10. क्या वजन कम करने के लिए सप्लीमेंट्स लेने चाहिए? सप्लीमेंट्स (जैसे ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट, एल-कार्निटाइन) केवल डॉक्टर की सलाह पर लें। ये प्राकृतिक डाइट का विकल्प नहीं हैं। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी डाइट, दवा या एक्सरसाइज प्रोग्राम को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें। वजन कम करना एक व्यक्तिगत प्रक्रिया है और परिणाम भिन्न हो सकते हैं।

Thyroid report normal? Par body pain, fatigue, brain fog real hai — koi natural remedy ya doctor jo seriously le?

Seriously fed up yaar. Gaya tha kal endocrinologist ke paas, thyroid levels toh thik dikha rahe hai. Lekin mujhe roz body ache, fatigue, brain fog — sab kuch hai. Doctor sahab ne seedha kaha, "Madam, you are just stressed. Go do yoga, take a walk." I was like, are you kidding me? Mera Hashimoto’s hai, autoimmune hai! Dard real hai. But koi sunta nahi. Especially jab aap aurat ho, toh sab 'stress' pe daal dete hain. Mera husband bhi sometimes says, "Chill karo, sab theek ho jayega." Lekin when will they understand body pain 24/7 is not chill? I tried turmeric milk for a week — no change. Koi natural remedy suggest karo jo kam se kam thoda relief de? Ya koi aisa doctor joh female pain seriously le? Mumbai mein ho toh batana please. Bas thoda validation chahiye ke main pagal nahi hoon.

Doctor ne suna diya! 350+ Triglycerides, Fatty Liver – Ab Heart Attack ka Darr, Daru Chhodne ka Struggle!

Yaar, aaj doctor ne fir se suna diya. Triglycerides 350+ hai, cholesterol bhi high. Fatty liver bhi hai. Ab toh dar lag raha hai. Maine socha daru chhod du, par pichle 25 saal se pi raha hu, ekdum se kaise chhute? Lekin doctor ne kaha, "Mr. Vijay, aapko heart attack aa sakta hai agar aise hi chalte rahe." Sunke toh ruh kaamp gayi. Kal raat tak maine 2 peg piye the, lekin aaj subah uthke pata chala ki mere dost ka (jo 52 ka tha) heart attack aaya. Wo bhi piya karta tha. Bahut bura laga. Ab maine decide kar liya hai - daru quit. Aaj se sirf green tea aur water. Par problem ye hai ki shaam ko ghar lautne par mann karta hai ki ek peg maar lu. Koi tips ho toh batao. Kya aap logon ne bhi aise struggle kiya hai? Aur kya non-veg bhi chhodna padega? Mutton toh mujhe bahut pasand hai.

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