emsulide p 50mg/125mg suspension allopathy (Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
emsulide p 50mg/125mg suspension allopathy (Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Emcure Pharmaceuticals Ltd. Contains Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg).

emsulide p 50mg/125mg suspension - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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🏭 Emcure Pharmaceuticals Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 20, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is emsulide p 50mg/125mg suspension used for?

emsulide p 50mg/125mg suspension is primarily used for the treatment of PAIN ANALGESICS. It contains Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg) which works effectively. Always consult your doctor before using this medication.

  • Generic Name: Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)
  • Manufacturer: Emcure Pharmaceuticals Ltd
  • Medicine Form: Allopathy
  • Pregnancy Category: Consult doctor

🇮🇳 emsulide p 50mg/125mg suspension के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

emsulide p 50mg/125mg suspension का उपयोग मुख्य रूप से pain analgesics और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)
Brand Nameemsulide p 50mg/125mg suspension
ManufacturerEmcure Pharmaceuticals Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassPAIN ANALGESICS
Action ClassInformation pending
Route of AdministrationOral
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Shelf LifeAs per manufacturer

💡 How and when to take emsulide p 50mg/125mg suspension?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💊 emsulide p 50mg/125mg suspension Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

⚠️ What are the side effects of emsulide p 50mg/125mg suspension?

  • Nausea
  • Vomiting
  • Stomach pain
  • Heartburn
  • Diarrhea
  • Allergy

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔄 Best Substitutes for emsulide p 50mg/125mg suspension

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Alternative medicines with exact same composition and strength (Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)):

  1. alnim p 50 mg/125 mg suspension
    Alliaance Biotech₹6.62💰 88.8% CHEAPER
  2. nimuwin plus suspension
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  3. Nemag Plus Suspension
    Agron Remedies Pvt Ltd₹8.87💰 85% CHEAPER
  4. nimjet plus syrup
    Syncom Formulations I Limited₹9.01💰 84.8% CHEAPER
  5. gersulide plus 50 mg/125 mg suspension
    Zydus Cadila₹9.31💰 84.3% CHEAPER
  6. nimutal plus syrup
    Elder Pharmaceuticals Ltd₹9.37💰 84.2% CHEAPER
  7. nimudex syrup
    Abaris Healthcare₹9.75💰 83.5% CHEAPER
  8. nimudec plus syrup
    Glenmark Pharmaceuticals Ltd₹9.92💰 83.2% CHEAPER
  9. embulide plus 50 mg/125 mg syrup
    Abbott₹10.00💰 83.1% CHEAPER
  10. nimos p syrup
    Mankind Pharma Ltd₹10.00💰 83.1% CHEAPER

Medical Note: Always consult your doctor before switching medications. Generic alternatives with same salts are therapeutically equivalent.

🔬 Drug Interactions

🛡️ Safety & Warnings

🛑 Myths vs. Facts about emsulide p 50mg/125mg suspension

  • Myth: Generic substitutes of emsulide p 50mg/125mg suspension are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Nimesulide (50mg) + Paracetamol (125mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of emsulide p 50mg/125mg suspension can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Complete Guide to Diabetes Diet Plan - 07-06-2026

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दुर्लभ या कम ज्ञात लक्षण (Rare Symptoms): पैरों में जलन या झुनझुनी (Peripheral Neuropathy): "पैर में जलन" या "सुन्नपन" महसूस होना। यह नसों को नुकसान का संकेत है। त्वचा का काला पड़ना (Acanthosis Nigricans): गर्दन, बगल, या जांघों के आसपास त्वचा मोटी और काली हो जाती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। यौन समस्याएं: पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, महिलाओं में योनि का सूखापन या संक्रमण। मसूड़ों की समस्या: मसूड़ों में सूजन, खून आना, या दांतों का ढीला होना। हाथों-पैरों में ठंडक या सुन्नपन: खासकर टाइप 2 डायबिटीज में। बार-बार फंगल इंफेक्शन: जैसे मुंह में थ्रश (Candidiasis) या त्वचा पर खुजली। चेतावनी: अगर आपको ये लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डायबिटीज का जल्दी पता लगना बहुत जरूरी है। 3. विस्तृत डाइट प्लान: क्या खाएं और क्या न खाएं (Detailed Diet Plan: Kya Khaye and Kya Na Khaye) डायबिटीज डाइट का मतलब भूखा रहना नहीं है। इसका मतलब है सही चीज़ों को सही मात्रा में खाना। भारतीय खानपान में कई ऐसी चीज़ें हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। यहां हम एक पूरा 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खाएं या डॉक्टर से पूछकर खाएं। प्रोटीन (Protein): दालें और बीन्स: राजमा, छोले (सीमित मात्रा में), सोयाबीन। अंडे: प्रोटीन का अच्छा स्रोत। मछली: खासकर सैल्मन, मैकेरल (सालमन, बांगड़ा) – ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर। चिकन (बिना त्वचा के): ग्रिल या उबालकर खाएं। पनीर और दही: कम वसा वाला पनीर और दही (बिना मीठा) खाएं। डेयरी (Dairy): दूध: बिना मीठा या कम वसा वाला दूध। दही: प्रोबायोटिक्स से भरपूर, पाचन के लिए अच्छा। मक्खन या घी: सीमित मात्रा में (1-2 चम्मच रोजाना)। नट्स और बीज (Nuts & Seeds): बादाम, अखरोट, पिस्ता, और काजू: मुट्ठी भर (लगभग 10-12) रोजाना। अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स, और सूरजमुखी के बीज: फाइबर और ओमेगा-3 के लिए अच्छे। पेय पदार्थ (Beverages): पानी: दिन में कम से कम 8-10 गिलास। ग्रीन टी: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है। नारियल पानी: बिना मीठा, इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए अच्छा। सब्जी का सूप: बिना क्रीम के। क्या न खाएं (Kya Na Khaye) – बचने के लिए फूड्स: रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: सफेद चावल, मैदा (White Flour), ब्रेड, पास्ता, और नूडल्स। शक्कर और मीठी 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सामान्य प्लान है। अपनी बीमारी और शरीर के अनुसार पोर्शन साइज़ और खाने की चीज़ों को डॉक्टर या डायटीशियन से कस्टमाइज़ करवाएं। 4. चिकित्सा प्रबंधन: दवाइयां और उनका काम (Medical Management: Medicines and How They Work) डायबिटीज का इलाज डाइट, एक्सरसाइज, और दवाइयों के संयोजन से होता है। यहां हम आमतौर पर प्रिस्क्राइब की जाने वाली दवाइयों के बारे में शैक्षिक जानकारी दे रहे हैं। ध्यान दें: यह जानकारी केवल शिक्षा के लिए है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। टाइप 1 डायबिटीज के लिए: इंसुलिन थेरेपी: टाइप 1 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन नहीं बनाता, इसलिए इंसुलिन इंजेक्शन या पंप के जरिए देना जरूरी है। इंसुलिन कई प्रकार के होते हैं: रैपिड-एक्टिंग इंसुलिन: खाने के तुरंत बाद काम करता है (जैसे लिस्प्रो, एस्पार्ट)। शॉर्ट-एक्टिंग इंसुलिन: खाने से 30 मिनट पहले लगाया जाता है (जैसे रेगुलर इंसुलिन)। इंटरमीडिएट-एक्टिंग इंसुलिन: दिन में दो बार लगाया जाता है (जैसे एनपीएच इंसुलिन)। लॉन्ग-एक्टिंग इंसुलिन: 24 घंटे तक काम करता है (जैसे ग्लार्जिन, डिटेमिर)। टाइप 2 डायबिटीज के लिए: मेटफॉर्मिन (Metformin): यह पहली पसंद की दवा है। यह लीवर में ग्लूकोज उत्पादन को कम करती है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है। सल्फोनील्यूरिया (Sulfonylureas): जैसे ग्लिपिजाइड, ग्लाइबुराइड। ये अग्न्याशय को अधिक इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करती हैं। डीपीपी-4 इनहिबिटर (DPP-4 Inhibitors): जैसे सीटाग्लिप्टिन, विल्डाग्लिप्टिन। ये इंसुलिन स्राव को बढ़ाती हैं और ग्लूकागन को कम करती हैं। एसजीएलटी2 इनहिबिटर (SGLT2 Inhibitors): जैसे डापाग्लिफ्लोज़िन, एम्पाग्लिफ्लोज़िन। ये किडनी के जरिए अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब में बाहर निकालती हैं। जीएलपी-1 एगोनिस्ट (GLP-1 Agonists): जैसे लिराग्लूटाइड, सेमाग्लूटाइड। ये इंसुलिन बढ़ाती हैं, भूख कम करती हैं, और वजन घटाने में मदद करती हैं। थियाजोलिडाइनडायोन (Thiazolidinediones): जैसे पियोग्लिटाज़ोन। ये इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती हैं। दवाइयां कैसे काम करती हैं? इंसुलिन बढ़ाना: कुछ दवाएं (जैसे सल्फोनील्यूरिया) अग्न्याशय को अधिक इंसुलिन बनाने के लिए कहती हैं। इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाना: मेटफॉर्मिन और पियोग्लिटाज़ोन कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती हैं। ग्लूकोज उत्पादन कम करना: मेटफॉर्मिन लीवर में ग्लूकोज उत्पादन को कम करती है। ग्लूकोज उत्सर्जन बढ़ाना: एसजीएलटी2 इनहिबिटर किडनी के जरिए ग्लूकोज को बाहर निकालती हैं। चेतावनी: दवाइयों के साइड इफेक्ट हो सकते हैं (जैसे मेटफॉर्मिन से पेट खराब, सल्फोनील्यूरिया से लो ब्लड शुगर)। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न बदलें या बंद न करें। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) डायबिटीज को कंट्रोल करने में घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। ये उपाय वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं और भारतीय घरों में आसानी से उपलब्ध हैं। घरेलू उपाय (Home Remedies): मेथी दाना (Fenugreek Seeds): रात भर 1 चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट पानी समेत पी लें। मेथी में फाइबर और कंपाउंड होते हैं जो ब्लड शुगर को कम करते हैं। करेला (Bitter Gourd): करेले का जूस या सब्जी खाएं। इसमें चारैंटिन (Charantin) नामक तत्व होता है जो ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। जामुन (Indian Blackberry): जामुन के बीजों को पीसकर पाउडर बना लें और रोजाना 1 चम्मच पानी के साथ लें। जामुन में एंथोसायनिन और एलाजिक एसिड होता है जो इंसुलिन गतिविधि को बढ़ाता है। दालचीनी (Cinnamon): 1/2 चम्मच दालचीनी पाउडर को गुनगुने पानी या चाय में मिलाकर पिएं। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है। गिलोय (Giloy): गिलोय की पत्तियों का जूस पिएं। यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। हल्दी (Turmeric): 1 गिलास दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। हल्दी में करक्यूमिन होता है जो सूजन कम करता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। आंवला (Indian Gooseberry): आंवला का जूस या चूर्ण लें। यह विटामिन सी से भरपूर है और अग्न्याशय की कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): नियमित व्यायाम: हर दिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें। जैसे तेज़ चलना, योग, साइकिल चलाना, या तैराकी। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है और वजन कम करने में मदद करता है। वजन कम करें: अगर आप अधिक वजन वाले हैं, तो सिर्फ 5-10% वजन कम करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में काफी सुधार हो सकता है। तनाव प्रबंधन: तनाव (Stress) ब्लड शुगर को बढ़ाता है। ध्यान (Meditation), प्राणायाम, और गहरी सांस लेने के व्यायाम करें। नींद पूरी करें: हर रात 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। धूम्रपान और शराब छोड़ें: धूम्रपान और शराब डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाते हैं और दवाओं के प्रभाव को कम करते हैं। ब्लड शुगर मॉनिटरिंग: नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर की जांच करें (खाली पेट और खाने के बाद)। इससे पता चलता है कि आपकी डाइट और दवाइयां कितनी प्रभावी हैं। पैरों की देखभाल: डायबिटीज में पैरों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। रोजाना पैरों को धोएं, सुख

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