jefex 200 dt tablet pineapple allopathy (Cefixime (200mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
jefex 200 dt tablet pineapple allopathy (Cefixime (200mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Jes Pharmacia Private Limited. Contains Cefixime (200mg).

jefex 200 dt tablet pineapple - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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Cefixime (200mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Jes Pharmacia Private Limited 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 20, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is jefex 200 dt tablet pineapple used for?

jefex 200 dt tablet pineapple is primarily used for the treatment of ANTI INFECTIVES. It contains Cefixime (200mg) which works effectively. Always consult your doctor before using this medication.

  • Generic Name: Cefixime (200mg)
  • Manufacturer: Jes Pharmacia Private Limited
  • Medicine Form: Allopathy
  • Pregnancy Category: Consult doctor

🇮🇳 jefex 200 dt tablet pineapple के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

jefex 200 dt tablet pineapple का उपयोग मुख्य रूप से anti infectives और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Cefixime (200mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

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📋 Drug Information

Generic Name(s)Cefixime (200mg)
Brand Namejefex 200 dt tablet pineapple
ManufacturerJes Pharmacia Private Limited
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassCephalosporins: 3 generation
Route of AdministrationOral
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Shelf LifeAs per manufacturer

💡 How and when to take jefex 200 dt tablet pineapple?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💊 jefex 200 dt tablet pineapple Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

⚠️ What are the side effects of jefex 200 dt tablet pineapple?

  • Nausea
  • Stomach pain
  • Indigestion
  • Diarrhea

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔄 Best Substitutes for jefex 200 dt tablet pineapple

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Medical Note: Always consult your doctor before switching medications. Generic alternatives with same salts are therapeutically equivalent.

🔬 Drug Interactions

🛡️ Safety & Warnings

🛑 Myths vs. Facts about jefex 200 dt tablet pineapple

  • Myth: Generic substitutes of jefex 200 dt tablet pineapple are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Cefixime (200mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of jefex 200 dt tablet pineapple can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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PCOD sugar cravings at 11 PM? Mera dimaag ice cream vs healthy banana cocoa water mein phas gaya! Koi kaam ka remedy hai?

Ugh, it’s 11 PM and I’m literally fighting with myself to not order a tub of ice cream. 😩 This PCOD mood swings are already killing me during the day, but late night? That’s when the sugar cravings hit like a truck. I tried keeping fruits in my hostel fridge but honestly, after a long day of work, a cold apple just doesn’t hit the same as something sweet and sinful. Yesterday I tried that “healthy dessert” hack—blended frozen banana with cocoa powder. Tasted like sad chocolate water tbh. 😬 Anyone else here struggle with this? Koi kaam ka remedy hai kya? I don’t want to eat chaat or paratha because that’s a whole different craving, but something sweet that won’t spike my hormones? I’m desperate yaar. Also, hostel mess ka gajar halwa is never available after 9 PM, so that’s a lost cause. Drop your tips please, I’m this close to raiding my roommate’s stash of Dairy Milk Silk. 🍫

Complete Guide to Heart Attack Symptoms - 31-05-2026

दिल का दौरा (Heart Attack) के लक्षण: एक संपूर्ण मेडिकल गाइड नमस्ते! यह गाइड आपको दिल के दौरे (Heart Attack) के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी देगी। हम समझेंगे कि यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं, और कैसे आप अपनी और अपने परिवार की रक्षा कर सकते हैं। यह जानकारी हिंग्लिश (Hinglish) में है, ताकि हर भारतीय पाठक आसानी से समझ सके। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) दिल का दौरा क्या है? (What is a Heart Attack?) दिल का दौरा, जिसे मेडिकल भाषा में मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (Myocardial Infarction) कहते हैं, तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून की सप्लाई अचानक बंद हो जाती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें हर सेकंड कीमती है। शरीर के अंदर क्या होता है? (What Happens Inside the Body?) कोरोनरी आर्टरीज (Coronary Arteries): ये वो नसें हैं जो दिल को ऑक्सीजन और पोषण देती हैं। जब इनमें से कोई एक नस पूरी तरह या आंशिक रूप से ब्लॉक हो जाती है, तो दिल का दौरा पड़ता है। प्लाक बिल्डअप (Plaque Buildup): सालों तक खराब खानपान, धूम्रपान, और हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण इन नसों में एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) हो जाता है। यानी नसों की दीवारों पर चर्बी, कोलेस्ट्रॉल, और कैल्शियम का जमाव (प्लाक) हो जाता है। ब्लॉकेज का कारण: कभी-कभी यह प्लाक फट जाता है (Plaque Rupture)। शरीर इसे ठीक करने के लिए खून के थक्के (Blood Clot) बनाता है, लेकिन यह थक्का नस को पूरी तरह बंद कर देता है। ऑक्सीजन की कमी: जब दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो वे डैमेज होने लगती हैं। अगर 20-30 मिनट के अंदर खून की सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो मांसपेशियां मरने लगती हैं (Necrosis)। महत्वपूर्ण: दिल का दौरा अचानक आ सकता है, लेकिन इसके लिए शरीर सालों पहले से तैयारी कर रहा होता है। यही कारण है कि लक्षणों को पहचानना और तुरंत एक्शन लेना जरूरी है। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms) - जिन्हें हर किसी को पहचानना चाहिए सीने में दर्द या बेचैनी (Chest Pain/Discomfort): यह सबसे आम लक्षण है। दर्द सीने के बीच में या बाईं तरफ होता है। यह दबाव, जलन, भारीपन या निचोड़ने जैसा महसूस हो सकता है। यह कुछ मिनटों तक रहता है या आता-जाता रहता है। बाएं हाथ, कंधे, या जबड़े में दर्द (Pain in Left Arm, Shoulder, or Jaw): दर्द सीने से शुरू होकर बाएं हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। कभी-कभी दाएं हाथ में भी दर्द हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ (Shortness of Breath): यह सीने में दर्द के साथ या बिना दर्द के भी हो सकता है। ऐसा लगता है जैसे सांस पूरी नहीं आ रही। पसीना आना (Cold Sweat): अचानक ठंडा, चिपचिपा पसीना आना, जैसे बुखार न होने पर भी पसीना आ रहा हो। मतली या उल्टी (Nausea or Vomiting): पेट खराब लगना या उल्टी आना, जिसे अक्सर एसिडिटी समझ लिया जाता है। चक्कर आना या बेहोशी (Dizziness or Fainting): शरीर में ब्लड प्रेशर गिरने के कारण ऐसा होता है। थकान (Fatigue): खासकर महिलाओं में, दिल के दौरे से दिनों या हफ्तों पहले अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms) - जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द (Upper Back Pain): कंधे के ब्लेड के बीच में दर्द हो सकता है, जो मांसपेशियों में खिंचाव जैसा लगता है। गले में जकड़न (Throat Tightness): ऐसा लगता है जैसे गले में कोई चीज फंसी हो या दबाव हो। दांत में दर्द (Toothache): बिना किसी दांत की समस्या के जबड़े या दांतों में दर्द होना। सिर्फ पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (Upper Abdominal Pain): इसे अक्सर गैस या अपच समझ लिया जाता है। बिना दर्द के सीने में बेचैनी (Silent Heart Attack): डायबिटीज के मरीजों या बुजुर्गों में दर्द नहीं होता, सिर्फ सांस फूलना, थकान, या बेहोशी होती है। इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं। हिचकी (Hiccups): लगातार आने वाली हिचकी, खासकर महिलाओं में, एक दुर्लभ लक्षण हो सकती है। महिलाओं में विशेष लक्षण: महिलाओं में सीने में दर्द की बजाय ज्यादा थकान, सांस फूलना, मतली, और पीठ/जबड़े में दर्द होता है। इसलिए महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। 3. विस्तृत आहार योजना (Detailed Diet Plan) दिल को स्वस्थ रखने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है। यहां बताया गया है कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। क्या खाएं (What to Eat - Heart-Healthy Foods) साबुत अनाज (Whole Grains): गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, बाजरा, रागी (Nachni) - ये फाइबर से भरपूर होते हैं और कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Greens): पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ - इनमें विटामिन K और नाइट्रेट होते हैं जो ब्लड प्रेशर कम करते हैं। फल (Fruits): सेब, अनार, संतरा, मौसमी, अंगूर, बेरीज (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी) - एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर। हेल्दी फैट्स (Healthy Fats): जैतून का तेल (Olive Oil), सरसों का तेल, अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स, अखरोट, बादाम - ये ओमेगा-3 फैटी एसिड देते हैं। फलियां और दालें (Legumes & Lentils): मूंग दाल, चना, राजमा, काले चने - प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत। मछली (Fish): सैल्मन, मैकेरल (बंगड़ा), सार्डिन (तारली) - ओमेगा-3 से भरपूर। हफ्ते में 2 बार खाएं। लहसुन और अदरक (Garlic & Ginger): ये ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं। हल्दी (Turmeric): इसमें करक्यूमिन होता है, जो सूजन कम करता है और दिल के लिए फायदेमंद है। दही (Yogurt): प्रोबायोटिक्स से भरपूर, लेकिन मीठा नहीं, बल्कि सादा दही लें। क्या न खाएं (What to Avoid - Foods to Limit or Avoid) प्रोसेस्ड फूड (Processed Foods): पैकेट में बंद चिप्स, बिस्कुट, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स - इनमें ट्रांस फैट और सोडियम ज्यादा होता है। तला-भुना खाना (Fried Foods): समोसा, पकौड़ा, भजिया, फ्रेंच फ्राइज - ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। रेड मीट (Red Meat): मटन, पोर्क, बीफ - इनमें सैचुरेटेड फैट होता है। इसे बहुत कम खाएं या बिल्कुल न खाएं। मीठे पेय और मिठाई (Sugary Drinks & Sweets): कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस, गुलाब जामुन, जलेबी, केक - ये ब्लड शुगर और वजन बढ़ाते हैं। ज्यादा नमक (Excess Salt): अचार, पापड़, चटनी, और पैक्ड सूप में नमक बहुत होता है। दिन में 5 ग्राम (एक चम्मच) से कम नमक लें। शराब और धूम्रपान (Alcohol & Smoking): ये दिल के लिए सबसे खतरनाक हैं। शराब को पूरी तरह से बंद करें या बहुत कम मात्रा में लें। नमूना डाइट प्लान (Sample Indian Diet Plan) सुबह (Early Morning): गुनगुने पानी में नींबू और शहद, या 2-3 भीगे हुए बादाम। नाश्ता (Breakfast): ओट्स या दलिया (सब्जियों के साथ), या 2 मल्टीग्रेन रोटी + सब्जी, या मूंग दाल चीला। मिड-मॉर्निंग (Mid-Morning): एक सेब या संतरा, या एक कप ग्रीन टी। दोपहर का खाना (Lunch): 1 कटोरी ब्राउन राइस या 2 रोटी + 1 कटोरी दाल + हरी सब्जी + सलाद (खीरा, टमाटर, गाजर)। शाम का नाश्ता (Evening Snack): मुट्ठी भर भुने चने या मखाना, या एक कप सूप (बिना क्रीम के)। रात का खाना (Dinner): 1 रोटी + सब्जी + दही, या ग्रिल्ड मछली + सलाद। सोने से पहले (Before Bed): एक गिलास गुनगुना दूध (हल्दी के साथ) या एक कप कैमोमाइल चाय। 4. मेडिकल मैनेजमेंट (Medical Management) नोट: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। दिल के दौरे के बाद आमतौर पर दी जाने वाली दवाएं एंटीप्लेटलेट एजेंट (Antiplatelet Agents): जैसे एस्पिरिन (Aspirin) और क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel)। ये खून के थक्कों को बनने से रोकते हैं, ताकि नसें खुली रहें। बीटा-ब्लॉकर्स (Beta-Blockers): जैसे मेटोप्रोलोल (Metoprolol) या एटेनोलोल (Atenolol)। ये दिल की धड़कन को धीमा करते हैं, ब्लड प्रेशर कम करते हैं, और दिल पर काम का बोझ कम करते हैं। एसीई इनहिबिटर्स (ACE Inhibitors): जैसे रामिप्रिल (Ramipril) या एनालाप्रिल (Enalapril)। ये ब्लड प्रेशर कम करते हैं और दिल को फेल होने से बचाते हैं। स्टैटिन (Statins): जैसे एटोरवास्टेटिन (Atorvastatin) या रोसुवास्टेटिन (Rosuvastatin)। ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और प्लाक को स्थिर करते हैं। नाइट्रेट्स (Nitrates): जैसे नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin) स्प्रे या टैबलेट। ये सीने के दर्द से तुरंत राहत देते हैं, नसों को चौड़ा करके। थक्का-रोधी (Anticoagulants): जैसे हेपरिन (Heparin) या वारफारिन (Warfarin)। ये खून को पतला करते हैं और नए थक्के बनने से रोकते हैं। ये दवाएं कैसे काम करती हैं? (How They Work?) एस्पिरिन: प्लेटलेट्स को आपस में चिपकने से रोकती है, जिससे थक्का नहीं बनता। बीटा-ब्लॉकर्स: दिल की मांसपेशियों को कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जिससे दिल को आराम मिलता है। स्टैटिन: लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को रोकते हैं और प्लाक को फटने से बचाते हैं। सर्जिकल विकल्प: अगर दवाओं से कंट्रोल न हो, तो एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) या बाईपास सर्जरी (Bypass Surgery) की जाती है। एंजियोप्लास्टी में ब्लॉक नस में एक गुब्बारा डालकर उसे खोला जाता है और स्टेंट लगाया जाता है। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपचार (Home Remedies) - सावधानी के साथ ध्यान दें: ये उपचार दिल के दौरे का इलाज नहीं हैं, बल्कि इसे रोकने और रिकवरी में सहायक हैं। इमरजेंसी में डॉक्टर को कॉल करें। लहसुन (Garlic): रोज सुबह खाली पेट 1-2 कली कच्चा लहसुन चबाएं। यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम करता है। अदरक की चाय (Ginger Tea): अदरक को पानी में उबालकर शहद मिलाकर पिएं। यह सूजन कम करता है और खून को पतला करता है। हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk): रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं। करक्यूमिन दिल की धमनियों को साफ रखता है। मेथी दाना (Fenugreek Seeds): रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट चबाएं। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर कम करता है। अर्जुन की छाल (Arjuna Bark): आयुर्वेद में इसे दिल के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। इसकी छाल का काढ़ा बनाकर पिएं, लेकिन डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नारियल पानी (Coconut Water): इसमें पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) धूम्रपान और शराब छोड़ें (Quit Smoking & Alcohol): यह सबसे जरूरी कदम है। धूम्रपान नसों को संकरा करता है और ऑक्सीजन कम करता है। रोजाना व्यायाम (Daily Exercise): रोज 30-45 मिनट तेज चलना, साइकिल चलाना, या योग करें। यह दिल को मजबूत बनाता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। तनाव प्रबंधन (Stress Management): ध्यान (Meditation), प्राणायाम (Anulom-Vilom), और गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है। तनाव दिल के दौरे का एक बड़ा कारण है। नींद पूरी करें (Adequate Sleep): रोज 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर दबाव पड़ता है। वजन कंट्रोल करें (Weight Control): मोटापा दिल के लिए खतरनाक है। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 18.5-24.9 के बीच रखें। नियमित जांच (Regular Check-ups): हर 6 महीने में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, और ब्लड शुगर की जांच कराएं। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव (Impact on Mental Health) दिल का दौरा सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत प्रभावित करता है। कई मरीजों को इसके बाद निम्नलिखित समस्याएं होती हैं: डिप्रेशन (Depression): दिल के दौरे के बाद लगभग 20-30% मरीज डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। उदासी, निराशा, और रोने का मन करना आम है। चिंता (Anxiety): दोबारा दौरा पड़ने का डर (Fear of Recurrence) लगातार बना रहता है। छोटी-छोटी बातों पर घबराहट होना। पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD): कुछ मरीजों को दौरे के दौरान हुए अनुभव के कारण बुरे सपने या फ्लैशबैक आते हैं। सामाजिक अलगाव (Social Isolation): कमजोरी और डर के कारण लोग दोस्तों और परिवार से दूर हो जाते हैं। दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Daily Life) काम पर लौटना: दिल के दौरे के बाद काम पर लौटने में 4-8 हफ्ते लग सकते हैं। शुरुआत में हल्का काम करें और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं। शारीरिक गतिविधियां: भारी सामान उठाना, सीढ़ियां चढ़ना, या ज्यादा देर तक खड़े रहना मुश्किल हो सकता है। कार्डियक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम में शामिल हों। यौन जीवन (Sexual Life): कई मरीजों को सेक्स करने में डर लगता है। डॉक्टर से सलाह लें, आमतौर पर 4-6 हफ्ते बाद सुरक्षित होता है। ड्राइविंग: दौरे के बाद कम से कम 2-4 हफ्ते तक गाड़ी न चलाएं, खासकर अगर सीने में दर्द या चक्कर आ रहे हों। मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुझाव: परिवार से बात करें, काउंसलर से मिलें, और सपोर्ट ग्रुप में शामिल हों। याद रखें, यह एक नई शुरुआत है, अंत नहीं। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. क्या दिल का दौरा और कार्डियक अरेस्ट एक ही चीज है? नहीं, दोनों अलग हैं। दिल का दौरा (Heart Attack) एक सर्कुलेशन प्रॉब्लम है, जहां नसें ब्लॉक हो जाती हैं। कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) एक इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम है, जहां दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। दिल का दौरा कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन हमेशा नहीं। 2. सीने में गैस और दिल के दौरे के दर्द में क्या अंतर है? गैस का दर्द अक्सर पेट के ऊपरी हिस्से में होता है, खाने के बाद बढ़ता है, और डकार लेने से आराम मिलता है। दिल के दौरे का दर्द सीने के बीच में दबाव जैसा होता है, हाथ या जबड़े तक फैलता है, और आराम करने से भी कम नहीं होता। अगर संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 3. क्या दिल का दौरा पड़ने पर एस्पिरिन खानी चाहिए? अगर आपको पूरा यकीन है कि यह दिल का दौरा है और आपको एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो 325 मिलीग्राम की एस्पिरिन चबाकर खाएं। लेकिन अगर संदेह है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। सबसे पहले एम्बुलेंस को कॉल करें। 4. क्या महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण अलग होते हैं? हां, महिलाओं में सीने में दर्द की बजाय ज्यादा थकान, सांस फूलना, मतली, पीठ या जबड़े में दर्द होता है। इसलिए महिलाएं अक्सर लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जो खतरनाक हो सकता है। 5. क्या युवाओं को भी दिल का दौरा पड़ सकता है? हां, आजकल 30-40 साल के युवाओं में भी दिल का दौरा पड़ रहा है। इसके कारण हैं: तनाव, खराब खानपान, धूम्रपान, और शारीरिक गतिविधि की कमी। कोई भी उम्र इससे सुरक्षित नहीं है। 6. दिल का दौरा पड़ने के बाद कितने दिन अस्पताल में रहना पड़ता है? यह ब्लॉकेज की गंभीरता पर निर्भर करता है। आमतौर पर 3-7 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ता है। अगर सर्जरी हुई है, तो 7-10 दिन तक रह सकते हैं। 7. क्या दिल का दौरा पड़ने के बाद

Stress aur Itching ne kiya barbaad! Lichen Planus ka koi natural ilaaj?

Yaar, aaj raat phir neend nahi aayi. Itching itni zyada hai ki skin ka koi hissa bacha nahi. Pata nahi kya ho raha hai. Main sochta tha ki dermatologist ke paas gaya, dawai li, sab theek ho jayega. Lekin nahi. Stress badh raha hai office mein—client ka deadline, boss ka pressure, ghar mein bivi se bhi nahi banti. Aur phir raat ko yeh lichen planus aur bhi zyada active ho jata hai. Ek hafta pehle ek naya cream diya doctor ne, steroid wala. Lagata hoon toh thoda aaram hota hai, lekin phir wapas. Aaj toh soch raha hoon ki kya stress hi trigger hai? Koi bhi tension aati hai, skin pe lal lal patches ubhar aate hain. Aur itching toh raat ko unbearable. Bhai, koi hai yahan jiska same problem ho? Stress ka koi natural remedy bataye? Ya koi aisa khaana hai jo flare-up kam kare? Main toh ab soch raha hoon ki yoga ya meditation try karoon. Lekin pata nahi kaam karega ki nahi. Please koi help karo, bahut pareshan hoon.

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