neurex 2.5 mg/20 mg tablet allopathy (Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
neurex 2.5 mg/20 mg tablet allopathy (Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Sigmund Promedica. Contains Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg).

neurex 2.5 mg/20 mg tablet - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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🏭 Sigmund Promedica 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 20, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is neurex 2.5 mg/20 mg tablet used for?

neurex 2.5 mg/20 mg tablet (Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)) is used to treat neuro cns. It contains Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg), which works by treating the condition effectively. Always consult your doctor before use. Take as prescribed.

  • Generic Name: Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)
  • Manufacturer: Sigmund Promedica
  • Medicine Form: Allopathy
  • Pregnancy Category: Consult doctor

🇮🇳 neurex 2.5 mg/20 mg tablet के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

neurex 2.5 mg/20 mg tablet का उपयोग मुख्य रूप से neuro cns और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)
Brand Nameneurex 2.5 mg/20 mg tablet
ManufacturerSigmund Promedica
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassNEURO CNS
Action ClassInformation pending
Route of AdministrationOral
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Shelf LifeAs per manufacturer

💡 How and when to take neurex 2.5 mg/20 mg tablet?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💊 neurex 2.5 mg/20 mg tablet Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

⚠️ What are the side effects of neurex 2.5 mg/20 mg tablet?

  • Confusion
  • Memory impairment
  • Drowsiness
  • Slow heart rate
  • Tiredness
  • Uncoordinated body movements
  • Nightmares
  • Cold extremities

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔄 Best Substitutes for neurex 2.5 mg/20 mg tablet

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Alternative medicines with exact same composition and strength (Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)):

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  3. neuropax 2.5 mg/20 mg tablet
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Medical Note: Always consult your doctor before switching medications. Generic alternatives with same salts are therapeutically equivalent.

🔬 Drug Interactions

🛡️ Safety & Warnings

🛑 Myths vs. Facts about neurex 2.5 mg/20 mg tablet

  • Myth: Generic substitutes of neurex 2.5 mg/20 mg tablet are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Diazepam (2.5mg) + Propranolol (20mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of neurex 2.5 mg/20 mg tablet can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Complete Guide to Stress Management - 04-06-2026

तनाव प्रबंधन (Stress Management) का संपूर्ण गाइड: कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय नमस्ते! आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तनाव सिर्फ मानसिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी आपको बीमार कर सकता है? यह गाइड आपको तनाव की पूरी जानकारी देगा - यह कैसे होता है, इसके लक्षण क्या हैं, और कैसे आप इसे मैनेज कर सकते हैं। चलिए, शुरू करते हैं। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) तनाव क्या है? (What is Stress?) तनाव एक प्राकृतिक शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रिया है जो तब होती है जब आप किसी चुनौती या खतरे का सामना करते हैं। यह "फाइट-ऑर-फ्लाइट" (Fight-or-Flight) रिस्पॉन्स का हिस्सा है, जो आपको खतरे से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन जब यह लगातार बना रहता है, तो यह क्रोनिक स्ट्रेस (Chronic Stress) में बदल जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक है। शरीर के अंदर क्या होता है? (What Happens Inside the Body?) हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रिनल (HPA) एक्सिस: जब आप तनाव महसूस करते हैं, तो आपका मस्तिष्क (हाइपोथैलेमस) एक सिग्नल भेजता है। यह पिट्यूटरी ग्रंथि को सक्रिय करता है, जो एड्रिनल ग्रंथियों (गुर्दे के ऊपर) को स्ट्रेस हार्मोन, जैसे कोर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालिन (Adrenaline) रिलीज करने के लिए कहता है। कोर्टिसोल का प्रभाव: कोर्टिसोल रक्त शर्करा (Blood Sugar) बढ़ाता है, इम्यून सिस्टम को दबाता है, और पाचन को धीमा करता है। इसका मकसद आपको तुरंत ऊर्जा देना है। लेकिन लंबे समय तक उच्च कोर्टिसोल स्तर वजन बढ़ना, उच्च रक्तचाप, और डायबिटीज का कारण बन सकता है। एड्रेनालिन का प्रभाव: यह हृदय गति (Heart Rate) बढ़ाता है, रक्तचाप बढ़ाता है, और मांसपेशियों को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए वायुमार्ग (Airways) को चौड़ा करता है। न्यूरोट्रांसमीटर: तनाव सेरोटोनिन (Serotonin) और डोपामाइन (Dopamine) जैसे "फील-गुड" केमिकल्स के स्तर को कम करता है, जिससे मूड खराब होता है और चिंता (Anxiety) बढ़ती है। तनाव के प्रकार (Types of Stress) एक्यूट स्ट्रेस (Acute Stress): छोटी अवधि का, जैसे परीक्षा से पहले या ट्रैफिक जाम में। यह आमतौर पर हानिरहित होता है। क्रोनिक स्ट्रेस (Chronic Stress): लंबे समय तक रहता है, जैसे नौकरी का दबाव, पारिवारिक समस्याएं, या वित्तीय चिंताएं। यह शरीर को "बर्नआउट" (Burnout) की स्थिति में ले जाता है। एपिसोडिक एक्यूट स्ट्रेस (Episodic Acute Stress): बार-बार एक्यूट स्ट्रेस आना, जैसे हर समय चिंतित रहना या अति-प्रतिस्पर्धी स्वभाव। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य शारीरिक लक्षण (Common Physical Symptoms) सिरदर्द (Headache): तनाव के कारण टेंशन हेडेक (Tension Headache) या माइग्रेन (Migraine) हो सकता है। थकान (Fatigue): लगातार थकान, भले ही आपने आराम किया हो। नींद न आना (Insomnia): रात को सोने में कठिनाई या बार-बार जागना। पाचन संबंधी समस्याएं (Digestive Issues): पेट में दर्द, एसिडिटी (Acidity), कब्ज (Constipation), या दस्त (Diarrhea)। मांसपेशियों में तनाव (Muscle Tension): गर्दन, कंधे, और पीठ में अकड़न या दर्द। हृदय गति तेज होना (Rapid Heartbeat): दिल की धड़कन तेज होना या धड़कन महसूस होना (Palpitations)। भूख में बदलाव (Appetite Changes): अधिक खाना (Emotional Eating) या भूख न लगना। पसीना आना (Sweating): हथेलियों या पूरे शरीर में अत्यधिक पसीना। मानसिक और भावनात्मक लक्षण (Mental & Emotional Symptoms) चिंता (Anxiety): बिना किसी कारण के डर या घबराहट महसूस करना। चिड़चिड़ापन (Irritability): छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना। ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई (Difficulty Concentrating): काम पर फोकस न कर पाना या भूलने की बीमारी। उदासी (Sadness) या डिप्रेशन (Depression): लगातार उदास रहना या जीवन में रुचि खो देना। नकारात्मक सोच (Negative Thinking): हमेशा बुरा होने की आशंका रखना। दुर्लभ और गंभीर लक्षण (Rare & Severe Symptoms) पैरों या हाथों में झनझनाहट (Tingling in Limbs): कोर्टिसोल के कारण नसों पर दबाव पड़ने से ऐसा हो सकता है। धुंधली दृष्टि (Blurry Vision): तनाव आंखों की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है। त्वचा पर चकत्ते (Skin Rashes): तनाव से एक्जिमा (Eczema) या सोरायसिस (Psoriasis) बढ़ सकता है। बालों का झड़ना (Hair Loss): टेलोजेन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) नामक स्थिति में तनाव के 3-6 महीने बाद बाल झड़ते हैं। सेक्स ड्राइव में कमी (Low Libido): तनाव हार्मोन सेक्स हार्मोन को प्रभावित करते हैं। सीने में दर्द (Chest Pain): तनाव से सीने में जकड़न हो सकती है, लेकिन यह दिल के दौरे से अलग है। फिर भी, डॉक्टर से जांच कराएं। कानों में घंटी बजना (Tinnitus): तनाव से कानों में लगातार आवाज आना। बार-बार बीमार पड़ना (Frequent Illness): कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण जुकाम या संक्रमण जल्दी होना। 3. विस्तृत आहार योजना (Detailed Diet Plan) तनाव कम करने वाले खाद्य पदार्थ (Stress-Busting Foods) - क्या खाएं जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbs): ये सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाते हैं। खाएं: ओट्स (Oats), ब्राउन राइस (Brown Rice), क्विनोआ (Quinoa), बाजरा (Millet), और साबुत गेहूं की रोटी (Whole Wheat Roti)। ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acids): ये कोर्टिसोल और एड्रेनालिन को कम करते हैं। खाएं: अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स (Chia Seeds), अखरोट (Walnuts), और सरसों का तेल (Mustard Oil)। मछली खाते हैं तो सैल्मन (Salmon) या मैकेरल (Mackerel) खाएं। मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ (Magnesium-Rich Foods): मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और नींद में मदद करता है। खाएं: पालक (Spinach), केला (Banana), कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), बादाम (Almonds), और डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate - 70% कोको)। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स (Vitamin B Complex): यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। खाएं: अंडे (Eggs), दूध (Milk), दही (Yogurt), हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Greens), और फलियां (Legumes) जैसे चना (Chickpeas) और मसूर (Lentils)। एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल (Antioxidant-Rich Fruits): ये ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। खाएं: बेरीज (Berries) जैसे स्ट्रॉबेरी (Strawberries), ब्लूबेरी (Blueberries); संतरा (Orange); अनार (Pomegranate); और अंगूर (Grapes)। हर्बल चाय (Herbal Teas): कैमोमाइल चाय (Chamomile Tea), तुलसी की चाय (Tulsi Tea), या अश्वगंधा चाय (Ashwagandha Tea) तनाव कम करने में मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्स (Probiotics): आंत का स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। खाएं: दही (Yogurt), छाछ (Buttermilk), और किमची (Kimchi) या अचार (Pickles - घर का बना)। तनाव बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ (Stress-Inducing Foods) - क्या न खाएं अत्यधिक कैफीन (Excess Caffeine): चाय, कॉफी, और एनर्जी ड्रिंक्स कोर्टिसोल बढ़ाते हैं। दिन में 2 कप से ज्यादा न पिएं। चीनी और मीठे पदार्थ (Sugar & Sugary Foods): मिठाई, सोडा, पैकेज्ड जूस, और केक ब्लड शुगर को अचानक बढ़ाते और गिराते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन बढ़ता है। प्रोसेस्ड फूड (Processed Foods): पिज्जा, बर्गर, चिप्स, और इंस्टेंट नूडल्स में ट्रांस फैट और सोडियम होता है, जो सूजन (Inflammation) बढ़ाता है। शराब (Alcohol): शराब शुरू में आराम देती है, लेकिन बाद में नींद की गुणवत्ता खराब करती है और कोर्टिसोल बढ़ाती है। तला-भुना और मसालेदार भोजन (Fried & Spicy Food): ये पाचन को खराब कर सकते हैं और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। अधिक नमक (Excess Salt): पैकेज्ड स्नैक्स और अचार में नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। नमूना आहार योजना (Sample Diet Plan) सुबह (7:00 AM): 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू। नाश्ता (8:00 AM): ओट्स दलिया (Oats Porridge) + बादाम और अखरोट, या 2 साबुत गेहूं की रोटी + हरी सब्जी। मिड-मॉर्निंग (10:30 AM): 1 केला या 1 सेब। दोपहर का भोजन (1:00 PM): ब्राउन राइस + दाल + पालक की सब्जी + दही। शाम का नाश्ता (4:00 PM): 1 कप कैमोमाइल चाय + मुट्ठी भर कद्दू के बीज। रात का भोजन (7:30 PM): ग्रिल्ड सब्जियां + क्विनोआ या बाजरे की रोटी। सोने से पहले (9:30 PM): 1 गिलास गर्म दूध + हल्दी। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) ध्यान दें: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। आमतौर पर निर्धारित दवाएं (Commonly Prescribed Medications) एंटीडिप्रेसेंट्स (Antidepressants): SSRIs (Selective Serotonin Reuptake Inhibitors): जैसे फ्लुओक्सेटीन (Fluoxetine), सर्ट्रालिन (Sertraline)। ये मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे मूड बेहतर होता है और चिंता कम होती है। इन्हें असर दिखाने में 2-4 हफ्ते लगते हैं। SNRIs (Serotonin-Norepinephrine Reuptake Inhibitors): जैसे वेनलाफैक्सिन (Venlafaxine)। ये सेरोटोनिन और नॉरएपिनेफ्रिन दोनों को बढ़ाते हैं, जो ऊर्जा और फोकस में मदद करते हैं। एंटी-एंजाइटी दवाएं (Anti-Anxiety Medications): बेंजोडायजेपाइन (Benzodiazepines): जैसे अल्प्राजोलम (Alprazolam) या डायजेपाम (Diazepam)। ये तेजी से काम करते हैं, लेकिन नशे की लत (Addiction) लग सकती है, इसलिए केवल थोड़े समय के लिए दिए जाते हैं। बस्पिरोन (Buspirone): यह एक गैर-नशे वाली दवा है जो चिंता को कम करती है, लेकिन असर धीरे-धीरे होता है। बीटा-ब्लॉकर्स (Beta-Blockers): जैसे प्रोप्रानोलोल (Propranolol)। ये तनाव के शारीरिक लक्षणों (जैसे तेज दिल की धड़कन, कांपना) को कम करते हैं, खासकर प्रदर्शन से पहले के तनाव (Performance Anxiety) में। नींद की दवाएं (Sleep Aids): जैसे मेलाटोनिन (Melatonin) या ज़ोलपिडेम (Zolpidem)। ये नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं, लेकिन लंबे समय तक उपयोग से बचना चाहिए। दवाएं कैसे काम करती हैं? (How Do They Work?) SSRIs मस्तिष्क में सेरोटोनिन के पुनर्ग्रहण (Reuptake) को रोकती हैं, जिससे यह न्यूरॉन्स के बीच अधिक समय तक रहता है और मूड को स्थिर करता है। बेंजोडायजेपाइन GABA (Gamma-Aminobutyric Acid) नामक न्यूरोट्रांसमीटर के प्रभाव को बढ़ाते हैं, जो मस्तिष्क की गतिविधि को धीमा करता है और शांति प्रदान करता है। बीटा-ब्लॉकर्स एड्रेनालिन के प्रभाव को रोकते हैं, जिससे हृदय गति और रक्तचाप कम होता है। थेरेपी (Therapy) कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT): यह तनाव के कारणों और नकारात्मक सोच पैटर्न को बदलने में मदद करती है। माइंडफुलनेस-बेस्ड स्ट्रेस रिडक्शन (MBSR): ध्यान और योग के माध्यम से तनाव को कम करने की तकनीक। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies) अश्वगंधा (Ashwagandha): यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी कोर्टिसोल के स्तर को 30% तक कम कर सकती है। रोजाना 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर गर्म दूध में मिलाकर पिएं। तुलसी (Tulsi): तुलसी के पत्ते एड्रेनालिन को नियंत्रित करते हैं। 5-6 पत्ते रोज चबाएं या चाय बनाकर पिएं। ब्राह्मी (Brahmi): यह मस्तिष्क को शांत करता है और याददाश्त बढ़ाता है। ब्राह्मी का तेल सिर में लगाएं या पाउडर पानी में मिलाकर पिएं। गर्म पानी से स्नान (Warm Bath): नहाने के पानी में एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) मिलाएं। इसमें मैग्नीशियम होता है जो मांसपेशियों को आराम देता है। लैवेंडर तेल (Lavender Oil): तकिए पर 2-3 बूंदें डालें या डिफ्यूज़र में उपयोग करें। यह नींद और चिंता में मदद करता है। नारियल पानी (Coconut Water): इसमें पोटैशियम होता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और तनाव कम करता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) नियमित व्यायाम (Regular Exercise): रोजाना 30 मिनट की तेज चाल (Brisk Walk), योग (Yoga), या साइकिलिंग एंडोर्फिन (Endorphins) रिलीज करता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड बूस्टर हैं। पर्याप्त नींद (Adequate Sleep): 7-9 घंटे की नींद लें। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल और टीवी बंद कर दें। गहरी सांस लेना (Deep Breathing): 4-7-8 तकनीक आजमाएं: 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें, 8 सेकंड छोड़ें। इसे दिन में 5 बार करें। समय प्रबंधन (Time Management): कार्यों की सूची बनाएं और प्राथमिकता तय करें। "नहीं" कहना सीखें। सोशल कनेक्शन (Social Connection): दोस्तों या परिवार से बात करें। अकेलापन तनाव बढ़ाता है। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox): दिन में कुछ घंटे सोशल मीडिया और न्यूज से दूर रहें। शौक (Hobbies): संगीत सुनना, पेंटिंग करना, या बागवानी करना तनाव को कम करता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव (Impact on Mental Health) चिंता विकार (Anxiety Disorders): क्रोनिक स्ट्रेस से जनरलाइज्ड एंजाइटी डिसऑर्डर (GAD) या पैनिक अटैक (Panic Attacks) हो सकते हैं। डिप्रेशन (Depression): तनाव मस्तिष्क में सेरोटोनिन को कम करता है, जो डिप्रेशन का कारण बन सकता है। बर्नआउट (Burnout): लगातार तनाव से भावनात्मक थकावट, काम में रुचि खत्म होना, और कम आत्मसम्मान (Low Self-Esteem) होता है। पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD): गंभीर घटनाओं के बाद तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है। दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Daily Life) काम पर प्रभाव: उत्पादकता (Productivity) कम होना, गलतियां बढ़ना, और सहकर्मियों से झगड़ा होना। रिश्तों पर प्रभाव: चिड़चिड़ापन और गुस्सा परिवार और दोस्तों के साथ संबंध खराब कर सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: उच्च रक्तचाप (Hypertension), हृदय रोग (Heart Disease), डायबिटीज (Diabetes), और मोटापा (Obesity) का खतरा बढ़ता है। सामाजिक जीवन पर प्रभाव: सामाजिक घटनाओं से बचना, अलग-थलग होना। आर्थिक प्रभाव: इलाज का खर्च, नौकरी छूटने का डर। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. तनाव और चिंता में क्या अंतर है? (Difference between Stress and Anxiety?) तनाव आमतौर पर किसी बाहरी कारण (जैसे परीक्षा या काम का दबाव) से होता है और कारण खत्म होने पर चला जाता है। चिंता (Anxiety) बिना किसी स्पष्ट कारण के भी हो सकती है और लंबे समय तक रहती है। तनाव एक प्रतिक्रिया है, जबकि चिंता एक मानसिक स्थिति है। 2. क्या तनाव से वजन बढ़ सकता है? (Can stress cause weight gain?) हां, बिल्कुल। क्रोनिक स्ट्रेस से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो पेट के आसपास चर्बी जमा करता है। साथ ही, तनाव में लोग अधिक मीठा और तला-भुना खाना खाते हैं, जिससे वजन बढ़ता है। 3. तनाव के कारण सिरदर्द क्यों होता है? (Why does stress cause headaches?) तनाव के दौरान गर्दन, कंधे, और सिर की मांसपेशियां तन जाती हैं, जिससे टेंशन हेडेक (Tension Headache) होता है। यह एक "बैंड जैसा" दर्द होता है जो माथे या सिर के पिछले हिस्से में महसूस होता है। 4. क्या तनाव से बाल झड़ सकते हैं? (Can stress cause hair loss?) हां, तनाव से टेलोजेन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) हो सकता है, जिसमें बालों के रोम

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