ceficorn 50mg dry syrup - Uses, Price and Side Effects

ceficorn 50mg dry syrup: Uses in Hindi (Fayde), Price, Side Effects & Substitutes

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Cefixime (50mg/5ml) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Bioshine Healthcare Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 14, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is ceficorn 50mg dry syrup used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
ceficorn 50mg dry syrup (manufactured by Bioshine Healthcare Pvt Ltd) is a highly effective medicine primarily used for the treatment of anti infectives. It helps in relieving symptoms and improving your overall health. Find the complete list of ceficorn 50mg dry syrup uses in Hindi, alternatives, price in India, and dosage on SaathiMed below.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Cefixime (50mg/5ml) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.

🇮🇳 ceficorn 50mg dry syrup के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

ceficorn 50mg dry syrup का उपयोग मुख्य रूप से anti infectives और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Cefixime (50mg/5ml) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India is the largest provider of generic medicines globally, supplying over 50% of global vaccine demand.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Cefixime (50mg/5ml)
Manufacturer / BrandBioshine Healthcare Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassCephalosporins: 3 generation
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Onset of Action:
30 to 60 minutes
Duration:
6 to 8 hours
Habit Forming:
No (Non-addictive)
Food:
Take after meal

💊 ceficorn 50mg dry syrup Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take ceficorn 50mg dry syrup (Dosage & Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💡 Expert Tips for Best Results

  • Follow the prescription: Always use ceficorn 50mg dry syrup exactly as prescribed by your healthcare provider. Do not alter the dosage yourself.
  • Check Expiry: Never consume expired medicines. Always double-check the manufacturing and expiry date on the packaging before use.
  • Storage: Store the medicine in a cool, dry place away from direct sunlight and out of reach of children.
  • Report Side Effects: If you experience severe allergic reactions, swelling, or breathing issues after taking ceficorn 50mg dry syrup, seek emergency medical help immediately.
  • Don't self-medicate: Do not share this medicine with others even if their symptoms seem similar to yours.

⚠️ ceficorn 50mg dry syrup Side Effects (Nuksan) & Precautions

Common and serious side effects may include:

  • Abdominal pain
  • Allergy
  • Nausea
  • Stomach pain
  • Indigestion
  • Diarrhea

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🛑 Myths vs. Facts about ceficorn 50mg dry syrup

  • Myth: Generic substitutes of ceficorn 50mg dry syrup are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Cefixime (50mg/5ml)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of ceficorn 50mg dry syrup can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Complete Guide to Depression - 04-06-2026

डिप्रेशन (Depression) पर संपूर्ण मेडिकल गाइड: कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय डिप्रेशन (Major Depressive Disorder) सिर्फ 'उदासी' नहीं है, यह एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो आपके दिमाग के केमिस्ट्री को बदल देती है। भारत में हर 20 में से 1 व्यक्ति डिप्रेशन से जूझता है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण ज्यादातर लोग इसे 'कमजोरी' समझकर इग्नोर कर देते हैं। इस गाइड में हम आपको हर पहलू को विस्तार से समझाएंगे—दिमाग के अंदर क्या होता है, कैसे पहचानें, क्या खाएं, क्या दवाएं लें, और कैसे जीवनशैली बदलें। 1. डिप्रेशन का गहरा परिचय और रोग तंत्र (Disease Mechanism) डिप्रेशन क्या है? डिप्रेशन एक मूड डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति को लगातार उदासी, खालीपन, और रुचि की कमी महसूस होती है। यह सिर्फ मानसिक नहीं, बल्कि शारीरिक बीमारी भी है, क्योंकि इसमें दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) असंतुलित हो जाते हैं। दिमाग के अंदर क्या होता है? (Mechanism) न्यूरोट्रांसमीटर का असंतुलन: डिप्रेशन में सेरोटोनिन (Serotonin), डोपामाइन (Dopamine), और नॉरएपिनेफ्रिन (Norepinephrine) नामक केमिकल्स का लेवल गिर जाता है। सेरोटोनिन मूड और नींद को नियंत्रित करता है, डोपामाइन खुशी और प्रेरणा देता है, और नॉरएपिनेफ्रिन तनाव से लड़ता है। हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) एक्सिस: तनाव के समय यह एक्सिस एक्टिव होता है। डिप्रेशन में यह ओवरएक्टिव हो जाता है, जिससे कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन ज्यादा बनता है। यह दिमाग के हिप्पोकैम्पस (याददाश्त वाला हिस्सा) को सिकोड़ सकता है। न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity): डिप्रेशन में दिमाग की नई न्यूरॉन्स बनाने की क्षमता कम हो जाती है, खासकर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (निर्णय लेने वाला हिस्सा) में। जेनेटिक और पर्यावरणीय कारक: अगर परिवार में किसी को डिप्रेशन है, तो जोखिम 2-3 गुना बढ़ जाता है। बचपन का आघात, गरीबी, या लगातार तनाव भी ट्रिगर कर सकते हैं। डिप्रेशन के प्रकार (Types) Major Depressive Disorder (MDD): कम से कम 2 हफ्ते तक लगातार लक्षण। Persistent Depressive Disorder (Dysthymia): 2 साल या उससे ज्यादा समय तक हल्का लेकिन लगातार डिप्रेशन। Seasonal Affective Disorder (SAD): सर्दियों में धूप कम होने पर होता है। Postpartum Depression: बच्चे के जन्म के बाद होता है। Bipolar Disorder: डिप्रेशन और मेनिया (अत्यधिक उत्साह) के बीच झूलता है। 2. डिप्रेशन के सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms) लगातार उदासी या खालीपन: हर दिन, ज्यादातर समय उदास महसूस करना। रुचि की कमी (Anhedonia): पहले पसंदीदा कामों (जैसे खाना बनाना, दोस्तों से मिलना) में मजा न आना। थकान और ऊर्जा की कमी: छोटे-छोटे काम भी भारी लगना। नींद की समस्या: अनिद्रा (Insomnia) या ज्यादा नींद (Hypersomnia)। भूख में बदलाव: ज्यादा खाना या बिल्कुल न खाना, जिससे वजन बढ़ना या घटना। ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई: फैसले लेने में परेशानी, भूलना। नकारात्मक सोच: खुद को बेकार समझना, अपराधबोध, या मौत के विचार आना। दुर्लभ या कम ज्ञात लक्षण (Rare Symptoms) शारीरिक दर्द (Psychosomatic Pain): सिरदर्द, पीठ दर्द, या जोड़ों में दर्द जिसका कोई शारीरिक कारण न मिले। पाचन समस्याएं: कब्ज, दस्त, या एसिडिटी जो दवाओं से ठीक न हो। साइकोमोटर रिटार्डेशन या एजिटेशन: धीरे-धीरे चलना या बात करना, या बेचैनी से इधर-उधर घूमना। साइकोटिक लक्षण (Psychotic Depression): भ्रम (Delusions) या मतिभ्रम (Hallucinations), जैसे यह सोचना कि कोई आपको नुकसान पहुंचा रहा है। कैटाटोनिया (Catatonia): बिना हिले-डुले घंटों बैठे रहना, या बिना वजह उत्तेजित होना। मौसमी पैटर्न: सर्दियों में ज्यादा उदासी, गर्मियों में सुधार। भारतीय संदर्भ में विशेष लक्षण सिर में भारीपन (Head heaviness): कई भारतीय मरीज 'सिर में भारीपन' या 'दिमाग पर बोझ' जैसी शिकायत करते हैं। जलन या चुभन (Burning sensation): हाथ-पैरों में जलन, जो डिप्रेशन के कारण नसों में सूजन से हो सकती है। गुस्सा या चिड़चिड़ापन: खासकर पुरुषों में डिप्रेशन गुस्से के रूप में दिखता है। 3. डिप्रेशन के लिए डिटेल डाइट प्लान (Kya Khayein, Kya Na Khayein) क्या खाएं (Foods to Eat) – दिमाग को पोषण दें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स: दिमाग की सूजन कम करते हैं। खाएं: अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स, अखरोट (Walnuts), सरसों का तेल, और मछली (सैल्मन या टूना, अगर नॉन-वेज खाते हैं)। विटामिन B12 और फोलेट: सेरोटोनिन बनाने में मदद करते हैं। खाएं: पालक, मेथी, चुकंदर, दालें (मसूर, मूंग), अंडे, दूध, और दही। विटामिन D: मूड को रेगुलेट करता है। खाएं: धूप में 15 मिनट बैठें, मशरूम, अंडे की जर्दी, और फोर्टिफाइड दूध। प्रोबायोटिक्स (Probiotics): आंत और दिमाग का सीधा संबंध है। खाएं: दही, छाछ, किमची, और कन्वेंशनल अचार (बिना सिरका)। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स: ब्लड शुगर स्थिर रखते हैं। खाएं: ओट्स, ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, और साबुत गेहूं की रोटी। एंटीऑक्सीडेंट्स: दिमाग को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। खाएं: जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), अनार, ग्रीन टी, हल्दी (दूध में), और अदरक। मैग्नीशियम: तनाव कम करता है। खाएं: केला, बादाम, कद्दू के बीज, और डार्क चॉकलेट (70% कोको)। क्या न खाएं (Foods to Avoid) – दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोसेस्ड फूड्स: पैकेज्ड नमकीन, बिस्कुट, और फास्ट फूड (जैसे बर्गर, पिज्जा) में ट्रांस फैट होता है, जो दिमाग की सूजन बढ़ाता है। चीनी और मीठे पेय: सोडा, जूस, मिठाई (गुलाब जामुन, जलेबी) से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और गिरता है, जिससे मूड स्विंग होता है। कैफीन (ज्यादा मात्रा में): चाय या कॉफी की 2 कप से ज्यादा पीने से एंग्जायटी और नींद की समस्या बढ़ सकती है। शराब (Alcohol): शुरू में आराम देती है, लेकिन बाद में डिप्रेशन को गहरा करती है और दवाओं के असर को कम करती है। तला-भुना खाना: पकौड़े, समोसे, और फ्रेंच फ्राइज में ओमेगा-6 फैट ज्यादा होता है, जो सूजन बढ़ाता है। नमूना डाइट प्लान (Sample Indian Diet Plan) सुबह (7 AM): 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू, 1 कप ग्रीन टी या कैमोमाइल टी। नाश्ता (8:30 AM): 2 मूंग दाल का चीला + पुदीने की चटनी, या 1 कटोरी ओट्स दूध में + मुट्ठी भर अखरोट। मिड-मॉर्निंग (11 AM): 1 केला या 1 सेब + 5-6 बादाम भिगोए हुए। दोपहर का खाना (1 PM): 2 ज्वार की रोटी + 1 कटोरी मसूर दाल + हरी सब्जी (जैसे पालक या लौकी) + दही। शाम (4 PM): 1 कप छाछ + 1 मुट्ठी भुने चने। रात का खाना (7 PM): 1 कटोरी ब्राउन राइस + 1 कटोरी मिक्स सब्जी (गाजर, मटर, फूलगोभी) + हल्दी वाला दूध। सोने से पहले (9:30 PM): 1 कप गर्म दूध + चुटकी भर जायफल। 4. मेडिकल मैनेजमेंट (दवाएं और उनका काम) ध्यान दें: दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर लें। यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के प्रकार और उनका तंत्र SSRIs (Selective Serotonin Reuptake Inhibitors): जैसे फ्लुओक्सेटीन (Fluoxetine/Prozac), एस्सिटालोप्राम (Escitalopram/Cipralex), सर्ट्रालाइन (Sertraline/Zoloft)। ये दिमाग में सेरोटोनिन के रीअपटेक को रोकते हैं, जिससे सेरोटोनिन का लेवल बढ़ता है। साइड इफेक्ट्स: मतली, सिरदर्द, यौन समस्याएं (शुरुआत में)। SNRIs (Serotonin-Norepinephrine Reuptake Inhibitors): जैसे वेनलाफैक्सीन (Venlafaxine/Effexor), डुलोक्सेटीन (Duloxetine/Cymbalta)। ये सेरोटोनिन और नॉरएपिनेफ्रिन दोनों को बढ़ाते हैं। थकान और दर्द के लिए अच्छे हैं। साइड इफेक्ट्स: ब्लड प्रेशर बढ़ना, पसीना आना। NDRIs (Norepinephrine-Dopamine Reuptake Inhibitors): जैसे बुप्रोपियन (Bupropion/Wellbutrin)। यह डोपामाइन और नॉरएपिनेफ्रिन बढ़ाता है, ऊर्जा देता है, और वजन नहीं बढ़ाता। साइड इफेक्ट्स: बेचैनी, अनिद्रा। ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स (TCAs): जैसे एमिट्रिप्टाइलिन (Amitriptyline)। पुरानी दवाएं, लेकिन गंभीर डिप्रेशन और नींद की समस्या में कारगर। साइड इफेक्ट्स: ड्राई माउथ, कब्ज, वजन बढ़ना। MAOIs (Monoamine Oxidase Inhibitors): जैसे फिनेल्ज़ीन (Phenelzine)। ये सेरोटोनिन, डोपामाइन, और नॉरएपिनेफ्रिन को तोड़ने वाले एंजाइम को रोकते हैं। डाइट में पाबंदी (चीज, वाइन नहीं खा सकते) के कारण कम इस्तेमाल होती हैं। दवाएं कब और कैसे काम करती हैं? पूरा असर दिखने में 2-4 हफ्ते लग सकते हैं। शुरुआत में साइड इफेक्ट्स (जैसे मतली) हो सकते हैं, लेकिन ये आमतौर पर 1-2 हफ्ते में कम हो जाते हैं। दवाओं को अचानक बंद न करें—डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे कम करें, नहीं तो विदड्रॉल सिंड्रोम (चक्कर, उल्टी) हो सकता है। अन्य मेडिकल उपचार साइकोथेरेपी (Psychotherapy): कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) सबसे कारगर है। यह नकारात्मक सोच पैटर्न को बदलती है। इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT): गंभीर डिप्रेशन के लिए, जब दवाएं काम न करें। इसमें दिमाग में हल्का करंट दिया जाता है, जो न्यूरोट्रांसमीटर को रीबैलेंस करता है। ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (TMS): दिमाग के मूड सेंटर पर मैग्नेटिक पल्स दी जाती है। कोई साइड इफेक्ट नहीं। 5. प्रूवन होम रेमेडीज और लाइफस्टाइल चेंजेस घरेलू उपाय (Home Remedies) हल्दी वाला दूध (Golden Milk): हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) होता है, जो दिमाग की सूजन कम करता है और सेरोटोनिन बढ़ाता है। रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। अश्वगंधा (Ashwagandha): यह एक एडाप्टोजेन है, जो कोर्टिसोल लेवल कम करता है। 300-500 mg अश्वगंधा रूट एक्सट्रैक्ट (डॉक्टर की सलाह पर) लें। ब्राह्मी (Bacopa Monnieri): याददाश्त और मूड के लिए फायदेमंद। ब्राह्मी घी या पाउडर (1/2 चम्मच) दूध में मिलाकर पिएं। केसर (Saffron): रिसर्च बताती है कि केसर हल्के से मध्यम डिप्रेशन में एंटीडिप्रेसेंट जैसा असर दिखाता है। 2-3 धागे केसर को गर्म पानी में भिगोकर पिएं। ग्रीन टी: इसमें एल-थियानिन (L-Theanine) होता है, जो तनाव कम करता है और फोकस बढ़ाता है। दिन में 2-3 कप पिएं। गुनगुना पानी: सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुना पानी + नींबू पीने से पाचन सुधरता है और शरीर डिटॉक्स होता है, जो मूड को बेहतर करता है। लाइफस्टाइल चेंजेस (Lifestyle Changes) एक्सरसाइज (Exercise): रोज 30 मिनट की तेज चाल (Brisk Walking) या 20 मिनट योगा। व्यायाम से एंडोर्फिन (खुशी का हार्मोन) रिलीज होता है। शुरुआत में छोटा लक्ष्य रखें—जैसे 10 मिनट टहलना। सूरज की रोशनी (Sunlight): रोज 15-20 मिनट धूप में बैठें, खासकर सुबह 7-9 बजे। इससे विटामिन D बनता है और सर्केडियन रिदम (नींद-जागने का चक्र) ठीक होता है। नींद का नियम (Sleep Hygiene): हर रात एक ही समय पर सोएं और उठें। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल/टीवी बंद करें। कमरे को अंधेरा और ठंडा रखें। सोशल कनेक्शन: दोस्तों या परिवार से बात करें, भले ही मन न करे। भारत में "चाय-पर चर्चा" या पड़ोसी से बात करना बहुत मददगार हो सकता है। माइंडफुलनेस और मेडिटेशन: रोज 10 मिनट गहरी सांस लें (4 सेकंड अंदर, 4 सेकंड बाहर)। इससे एमिग्डाला (तनाव केंद्र) शांत होता है। जर्नलिंग (Journaling): अपनी भावनाओं को लिखें—"आज मुझे क्या अच्छा लगा?" और "क्या बुरा लगा?"। इससे नकारात्मक विचार बाहर निकलते हैं। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव आत्म-सम्मान में कमी: डिप्रेशन में व्यक्ति खुद को बेकार, दोषी, या बोझ समझने लगता है। चिंता (Anxiety): 60% डिप्रेशन मरीजों में एंग्जायटी भी होती है—बिना वजह डर, घबराहट, या दिल का तेज धड़कना। आत्महत्या के विचार (Suicidal Thoughts): यह एक गंभीर लक्षण है। अगर आपको या किसी को ऐसे विचार आएं, तो तुरंत हेल्पलाइन (जैसे AASRA: 022-27546669) पर कॉल करें। सोचने की क्षमता पर असर: फैसले लेने में देरी, भूलने की बीमारी, और नकारात्मक सोच का चक्र (Rumination) बढ़ जाता है। दैनिक जीवन पर प्रभाव काम/पढ़ाई पर असर: प्रोडक्टिविटी गिर जाती है। कई लोग काम पर जाने से कतराते हैं या बार-बार छुट्टी लेते हैं। रिश्तों पर असर: चिड़चिड़ापन और दूरी बनाने से पति-पत्नी, माता-पिता, या दोस्तों से झगड़े बढ़ जाते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य पर असर: डिप्रेशन से दिल की बीमारी, डायबिटीज, और कमजोर इम्यूनिटी का खतरा बढ़ जाता है। आर्थिक नुकसान: इलाज का खर्च, काम छूटना, और दवाओं का खर्च परिवार पर बोझ डाल सकता है। भारतीय समाज में कलंक (Stigma) भारत में डिप्रेशन को "कमजोरी" या "पागलपन" समझा जाता है। यह सबसे बड़ी बाधा है। याद रखें: डिप्रेशन एक बीमारी है, जैसे डायबिटीज या बीपी। इलाज से ठीक हो सकती है। परिवार और दोस्तों का सपोर्ट बहुत जरूरी है। 7. 10 डिटेल FAQs (लॉन्ग-टेल सर्च क्वेरीज) 1. क्या डिप्रेशन बिना दवा के ठीक हो सकता है? हल्के डिप्रेशन (Mild Depression) में लाइफस्टाइल चेंजेस, एक्सरसाइज, और थेरेपी से सुधार हो सकता है। लेकिन मध्यम से गंभीर डिप्रेशन (Moderate to Severe) में दवाएं जरूरी हैं, क्योंकि दिमाग का केमिकल बैलेंस बिगड़ चुका होता है। बिना इलाज के डिप्रेशन सालों तक रह सकता है और गंभीर रूप ले सकता है। 2. डिप्रेशन में कौन सा डॉक्टर दिखाएं – मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक? मनोचिकित्सक (Psychiatrist) एक मेडिकल डॉक्टर (MBBS + MD) होता है, जो दवाएं लिख सकता है। मनोवैज्ञानिक (Psychologist) थेरेपी देता है (जैसे CBT), लेकिन दवाएं नहीं लिख सकता। गंभीर डिप्रेशन में पहले मनोचिकित्सक से मिलें, फिर दोनों का कॉम्बिनेशन बेस्ट है। 3. क्या डिप्रेशन की दवाएं वजन बढ़ाती हैं? हां, कुछ दवाएं (जैसे एमिट्रिप्टाइलिन, पैरॉक्सेटीन) वजन बढ़ा सकती हैं। लेकिन बुप्रोपियन (Wellbutrin) जैसी दवाएं वजन नहीं बढ़ातीं। डॉक्टर से साइड इफेक्ट्स के बारे में खुलकर बात करें। डाइट और एक्सरसाइज से वजन कंट्रोल किया जा सकता है। 4. डिप्रेशन और थायराइड में क्या संबंध है? थायराइड हार्मोन (T3, T4) का असंतुलन डिप

Thakan aur kamzori se tang! Kya desi nuskha kaam karega?

Aaj to bahut thakan ho rahi hai. Subah utha toh aisa laga jese uthne ka mann nahi karta. Pichle kuch din se bahut kamzori rehti hai. Kuch kaam karo toh jaan nikal jaati hai. Bina kaam ke bhi sar bhari rehta hai. Pota bola "Dada aapko doctor ko dikhana chahiye" lekin main soch raha hoon bas thoda aaram kar loonga toh theek ho jaaunga. Sugar bhi kal 220 tha aaj 180 hai. Thoda toh control mein hai. Bhaiyo, kya koi aapne saath aisa feel karta hai? Kya karna chahiye? Main roz subah 1 km walk karta hoon par ab toh woh bhi mushkil ho raha hai. Koi desi nuskha ho toh batao. Mera beta toh kehta hai "papa aap tension mat lo" lekin ghar ka jhagda, zaminka vivad, sab dimaag mein ghoomta rehta hai. Pota hi hai jo thoda khayal rakhta hai. Bas uski wajah se uth jaate hain. Kripya koi raah bataye. Bahut pareshan hoon.

Cystic acne ka koi ilaaj? Makeup se hide karna impossible lag raha hai 😭😭

ugh yaar i'm so done with this stupid cystic acne 😭😭. kal hi mera ek aur zit nikal aaya aur obviously maine usse pop kar diya ab woh ek big red spot ban gaya hai. relatives ka toh kya kehna... "tumhara face kyu itna kharab ho raha hai? gud lagao, besan lagao" jaise maine kuch try nahi kiya. like hello?? i literally have a dermatologist appointment next week 😤. anyway abhi main makeup ka sahara le rahi hoon. but problem yeh hai ki foundation lagane se bhi woh bumps hide nahi hote. i use a concealer but after 2-3 hours it just cakes up. koi green color corrector try kiya hai?? suna hai redness kam karta hai. ya phir koi specific heavy coverage foundation batado jo pores ko clog na kare. maine LA Girl ka concealer use kiya tha but it made me break out more lol. frankly i'm just tired of looking at myself in the mirror without filters 😩. filter lagake toh selfie achi aati hai but real life mein aisa nahi hai. koi mujhe batao kaise makeup ko natural rakh ke yeh cystic acne hide karu?? please help!! 🙏

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